आज 1 जून है

0
95
अर्चना राइ भट्ट

प्रणाम भारत श्वेत कनक धारा के प्रवाह में उदय होता सूर्य आपको कांतिवान रखे ।
आज 1 जून है , विश्व दुग्ध दिवस एवं अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस पर बधाई ।

जीवन की शुरूआत हो या पौष्टिकता की जरूरत ,
खुशी हो या दर्द दूध एक मात्र सम्पूर्ण आहार है जो हमको प्रकृति की देन है और इसे बरकरार रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन के द्वारा आज के दिन विश्व दुग्ध दिवस’ पूरे विश्व में मनाया जाता है। इस दिवस के माध्यम से दूध को एक वैश्विक भोजन के रूप में केन्द्रित किया जाता है।

“पीओ मजबूत हो जाओ , आर्थिक विकास आजीविका पोषण , दूध के लिए एक ग्लास उठाओ ,दूध मानव के लिए पहला भोजन है “और” विश्व स्तरीय पोषण भी , दूध मानव का पहला भोजन , दक्षिणपूर्व एशिया क्षेत्र के समृद्धि और स्वास्थ्य के लिये दूध , ताजा दूध पीये शरीर फिट रहे दिमाग तेज ” जैसे स्लोगन प्रति वर्ष आम इंसान से खास को दुग्ध के तरफ प्रेरित करते है ।

दुग्ध का इतिहास तो सम्भवतः जीवन के साथ शुरू हुई होगी , किंतु हमारे यहाँ 7 से 8 हजार ईशा पूर्व और यूरोप में यह 4 से 5 हजार पूर्व का मिलता है।

दुग्ध उद्योग के विकाश में लुईस पाश्चवर द्वारा 19वीं सदी के अंत और 20वीं के शुरू में पाश्चराइजेशन सिद्धान्त के आगमन से दुग्ध उधोग में अप्रत्याशित सफलता मिली जो पूरे विश्व को स्वेत क्रांति में तब्दील करती चली गई । आप सबको विश्व दुग्ध दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं ।

आज अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस अथवा अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस भी है । 1949 से जागृत यह संस्था दो साल के भीतर दुनिया भर के 51 देशों में ‘अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस’ पहली बार मनाया गया था।

आज ही भारत के छठे राष्ट्रपति के नीलम संजीव रेड्डी की पुण्यतिथि है । रेडी भारत के ऐसे राष्ट्रपति थे जिन्हें राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होते हुए पहली हार गए थे, दूसरी बार विपक्ष के द्वारा उम्मीदवार बनाए जाने पर राष्ट्रपति निर्वाचित हुए।

दूध को अपनाइए स्वस्थ रहिये , स्वस्थ तन मस्तिष्क को उर्यवान और जिगर को फौलादी बनाता है । आप सबका आज का दिन सर्वोत्तम हो ।