कुहासे भरी सूर्योदय के साथ मंगलमय सुप्रभात

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माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पहली भारतीय महिला पर्वतारोही पद्मश्री श्रीमती बिछेंद्री पाल जी के साथ

आलेख : अर्चना राय भट्ट / पटना / 29 ओक्टुबर

पाटलिपुत्र की धरती से पहली सर्द मौसम का एहसास दिलाती कुहासे भरी सूर्योदय के साथ मंगलमय सुप्रभात

दोस्तों, इतिहास एक ऐसा शब्द है जो हमे हमारे अतीत की याद दिलाता है । आज के भागदौड़ भरी जिंदगी में वर्तमान इतना कठोर है कि अतीत के तरफ सोचने का मौका नही देता है । मेरी प्रति दिन यह कोशिश होती है कि वर्तमान के साथ इतिहास के कुछ अहम हिस्सों को समेटे आपको रूबरू करा सके । यह विषय एक समुंदर के समान है किन्तु हमारा एक छोटा सा प्रयास हैं की आपकी मंगलकामना के साथ आपको पुरे देश दुनिया की आज और कल की जानकारी दे सके ।

माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पहली भारतीय महिला पर्वतारोही पद्मश्री बछेन्द्री पाल नमामि गंगे अभियान के तहत अपने 40 सदस्यों के साथ पटना में है । वह हरिद्वार से 5 अक्टूबर को शुरू हुआ गंगा स्वच्छता मिशन जन जागरूकता कार्यक्रम कल पटना गांधी घाट पर समापन हुआ जिसमें उन्होंने भाग लिया । वह अगले 2 दिन पटना में रहेंगी ।

कांग्रेस और बीजेपी में सरदार पटेल के नाम पर संग्राम का अहम पड़ाव 2013 में आज ही के दिन से शुरू हुआ था । मौका था अहमदाबाद में देश के पहले गृह मंत्री सरदार पटेल को समर्पित संग्रहालय के उद्घाटन का जब तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह और तत्कालीन मुख्यमंत्री गुजरात श्री नरेंद्र भाई मोदी जी एक मंच पर नजर थे ।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने सम्बोधन में चुटीली टिप्पणी करते हुए कहा था कि “सरदार पटेल सेकुलर थे और देश के हर संप्रदाय के लोगों को अपना भाई-बहन मानते थे” वही मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर सरदार वल्लभ भाई पटेल देश के पहले प्रधानमंत्री होते तो आज देश की तस्वीर ही कुछ और होती ।
मुख्यमंत्री के बोलते ही यह मामला वही नही रुका दिल्ली तक पहुचा कांग्रेस के मनीष तिवारी ने व्यान दिया “आरएसएस का सांप्रदायिक उन्माद’ था, जिसने महात्मा गांधी की जान ली” तो दिग्विजयसिंह ने बीजेपी और संघ गांधी जी और सरदार पटेल से नाता जोड़ने चले हैं.’
खैर सारी अदावतो के बावजूद नरेंद्र मोदी जी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भारत के प्रथम उप प्रधानमन्त्री तथा प्रथम गृहमन्त्री सरदार पटेल को समर्पित एक स्मारक बनवा दिए जो युगों युगों तक याद किया जाएगा । आज से 2 दिन बाद 31 ओक्टुबर को पटेल जी के जयंती के अवसर पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी दुनिया की सबसे बड़ी स्टैचू का तगमा हाशिल कर लेगी ।

राम मंदिर यह एक ऐसा विषय है जिसपर आस्था से हजार गुना ज्यादा राजनीति हुई है । लेकिन राम लला आज भी वैसे ही है । अगर सच्चे दिल से सम्पूर्ण आस्था में विश्वास रखते हुए कुछ कदम भी चला गया होता तो सोमनाथ के तरह आज अयोध्या में राम लला विराजमान होते । खैर यह विषय कल भी राजनीति की धुरी थी आज भी है और कल भी रहेगी । आज एक बार फिर यह विषय केंद्र बिंदु बना हुआ है कारण है आज से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई । मंदिर विवाद से संबंधित 2010 में आये इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली 13 याचिकाओं पर सुनवाई करेगी । इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने फैसले में अयोध्या में विवादित भूमि को राम लला, निर्मोही अखाड़ा और मूल मुस्लिम वादी के बीच बांटने का आदेश दिया था । आज इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति के. एम. जोसेफ की पीठ करेगी ।

आज 29 अक्टूबर हैं , देश के इतिहास में 13 बरस पहले 2005 में एक ऐसी दुखद घटना हुई जिसे भुलाया नही जा सकता है । त्यौहारों के मौसम में देश की राजधानी दिल्ली में दिवाली से दो दिन पहले हुए बम धमाकों से त्यौहार की खुशियों को ग्रहण लग गया। 29 अक्टूबर 2005 को धनतेरस के दिन शहर के पहाड़गंज और सरोजिनी नगर में बम धमाकों से दिल्ली जैसे सहम सी गई। व्यस्त बाजारों में हुए इन धमाकों में 60 लोगों की मौत हुई और 200 से ज्यादा लोग घायल हुए।


आज 29 अक्टूबर यानी अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट दिवस है । अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट दिवस वर्ष 1969 में इलेक्ट्रॉनिक संदेश भेजने हेतु इंटरनेट के सर्वप्रथम उपयोग की वर्षगांठ के अवसर पर 29 अक्टूबर 2014 को विश्व स्तर पर मनाया गया। वर्ष 2005 से, अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट दिवस दूरसंचार और प्रौद्योगिकी के इतिहास में महत्वपूर्ण दिवस की याद में मनाया गया । इंटरनेट की शुरुआत वर्ष 1969 में हुई थी जब अमरीका में सेना के लिए एक कंप्यूटर नेटवर्क तैयार किया गया था ताकि परमाणु युद्ध शुरू होने की स्थिति में सूचना का आदान प्रदान किया जा सके । इंटरनेट अरपानेट (एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी नेटवर्क) के रूप में जाना जाता था । चार्ली क्लाइन ने 29 अक्टूबर 1969 को पहली बार इलेक्ट्रॉनिक संदेश प्रेषित किया ।

आज 29 अक्टूबर को 1959 में पहली लोक सभा के सदस्य सैयद मोहम्मद अहमद काजमी का देहांत हुआ था तो 1988 में कमलादेवी चट्टोपाध्याय जो समाजसुधारक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी तथा भारतीय हस्तकला के क्षेत्र में नवजागरण लाने वाली गांधीवादी महिला थी उनका देहांत हुआ ।

आज के दिन हुए कुछ अहम बाते जैसे साल 1913 में मध्य अमेरिकी देश अल सल्वाडोर में बाढ से हजारों लोग मारे गए थे। वही साल 1920 में केंद्रीय विश्वविद्यालय जामिया मिलिया इस्लामिया की स्थापना हुई थी। साल 1924 में ब्रिटेन में लेबर पार्टी को संसदीय चुनाव में हार मिली थी तो साल 1942 में नाजियों ने बेलारूस के पिनस्क में 16 हजार यहूदियों की हत्या की थी।
1947 में बेल्जियम, लक्जमबर्ग और नीदरलैंड ने बेनेलक्स संघ बनाया था तो 1958 में अमेरिका ने नेवादा में परमाणु परीक्षण किया गया था। वर्ष 1985 में भारतीय मुक्केबाज विजेन्द्र सिंह का जन्म हुआ था। आज ही के दिन 1999 में ओडिशा के तटीय इलाकों में जबरदस्त चक्रवाती तूफान आया था। तो वर्ष 2004 में त्रिनिदाद एवं टोबैगो के राष्ट्रपति मेक्सवेल रिचर्डस ने नई दिल्ली में राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के साथ वार्ता की थी। साल 2012 में अमेरिका के पूर्वी तट पर सैंडी तूफान के कारण 286 लोगों की मौत हुई थी। साल 2015 में चीन ने एक बच्चे की नीति को खत्म करने की घोषणा की थी।

दुनिया भर में आज के दिन को वर्ल्ड स्ट्रोक डे मनाया जा रहा है जिससे लोगों को इस बीमारी प्रति जागरूक किया जाए। दुनियाभर में फैली तमाम जानलेवा बीमारियों के बीच एक और खतरनाक बीमारी धीरे धीरे लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रही है। इस बीमारी का नाम है ब्रेन स्ट्रोक। आज हालत यह है कि दुनिया का हर छठा व्यक्ति कभी न कभी ब्रेन स्ट्रोक का शिकार हुआ है और 60 से ऊपर की उम्र के लोगों में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण ब्रेन स्ट्रोक है। यह 15 से 59 वर्ष के आयुवर्ग में मौत का पांचवां सबसे बड़ा कारण है।

आज एक ऐसी बात होने जा रही है जिसका प्रभाव आने वाले दिनों व्यापक असर दिखा सकता है ।आज पंजाब के फरीदकोट में वर्ष 2012 में हुए बहु-चर्चित रेप केस मामले में पाए गए दोषी निशान सिंह की संपत्ति को नीलाम किया जाएगा , उनके साथ उनकी माता नवजोत कौर की जायदादों कुर्क करके पीड़ित परिवार को 90 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। यह फैसला मांनीनय उच्च न्यायालय ने दिया है ।

आज विक्रम संवत 2075 कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि दोपहर 3  बजकर 5 मिनट तक रहेगी इसके बाद षष्ठी तिथि दिन सोमवार आप सभी के शुभ हो और पूरा सप्ताह मनोकूल हो ।
।। जय श्री राम ।।