गुडमॉर्निंग, सुप्रभात, सत श्री अकाल ,नमस्कारम, राम राम

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गुडमॉर्निंग, सुप्रभात, सत श्री अकाल ,नमस्कारम, राम राम …… श्री बेटाजी आपको जन्मदिन की बहुत ढेर सारी मंगल कामनाएं ।
आज 1 नवंबर है नया माह है , आज का दिन मेरे लिए भी बहुत अहम है और हिंदुस्तान के लिए भी । आज मेरे दिल के टुकड़े मेरी अंस मेरी वजूद का एक खास हिस्सा मेरे बेटा जी श्री का जन्मदिन है आपको ढेर सारी बधाई शुभकामनाएं बेटा जी । एक माँ के लिए हर पल हर क्षण अपने बच्चो के लिए आशीष , शुभकामनाएं आठो पहर दिल दिमाग और जुबान पर होती है उसके लिए कोई खास दिन नही होता न ही किसी खास दिन की जरूरत है । फिर भी जन्मदिन होता है तो विशेष शुभकामनाएं और आशीर्वाद लाजमी है । तो आज बेटाजी श्री आपको एक बार फिर जन्मदिन की ढेरों मंगलकामनाए ।

आज हिंदुस्तान के कुछ अहम प्रदेश अस्तित्व में आए जिससे भारतीय गणतंत्र और मजबूत हुआ । जिसमे पांडिचेरी , आंध्र प्रदेश , कर्नाटक ,केरल , मध्य प्रदेश , पंजाब , हरियाणा का स्थापना दिवस है ।

आज पुदुचेरी विलय दिवस हैं जिसे प्रत्येक वर्ष भारत में 1 नवम्बर को मनाया जाता है। पुदुचेरी या पाण्डिचेरी लगभग तीन सौ सालों तक फ़्राँसीसी अधिकार में रहा। जनरल डूमा फ़्राँसीसी उपनिवेश पाण्डिचेरी का गवर्नर था। प्राचीन समय में फ़्राँस से व्यापार का यह प्रमुख केंद्र था। फ़ाँसीसी संस्कृति और वास्तुशिल्प के प्रमाण आज भी यहाँ कहीं-कहीं दिख जाते हैं। आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से भी यह बहुत ही महत्त्वपूर्ण है।
भारत की स्वतंत्रता के तुरंत बाद गोवा व पुदुचेरी के लोगों ने अपनी आजादी व भारत में विलय की मांग प्रारम्भ की और इसके लिए आंदोलन प्रारम्भ किये। 1954 ई में पुदुचेरी में माहौल बहुत तनावपूर्ण हो गया। भारत में विलय के लिए व्यापक आंदोलन उठ खड़ा हुआ। मद्रास (वर्तमान चेन्नई) में फ़्राँसीसी दूतावास के सामने हर रोज प्रदर्शन होने लगे। नवम्बर, 1954 में फ़ाँस ने पुदुचेरी को भारत को सौंप दिया, जिसका लोगों ने व्यापक स्वागत किया। सन 1955 के गणतंत्र दिवस में पहली बार राजपथ पर पुदुचेरी की झाँकी निकाली गई। इस तरह पुदुचेरी का शांतिपूर्ण रूप से भारत में विलय हो गया।

आज आंध्र प्रदेश स्थापना दिवस है जिसे प्रत्येक वर्ष 1 नवम्बर को मनाया जाता है। आंध्र प्रदेश भारत के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित एक राज्य है। इसकी राजधानी और सबसे बड़ा शहर हैदराबाद है। भारत के सभी राज्यों में सबसे लंबा समुद्र तट गुजरात में 1600 किलोमीटर है और दूसरे स्थान पर इस राज्य का समुद्र तट 972 किलोमीटर है। तेलंगाना, आन्ध्र प्रदेश राज्य से अलग होकर बनने वाला 29वाँ नवगठित राज्य है। हैदराबाद को दस साल के लिए तेलंगाना और आन्ध्र प्रदेश की संयुक्त राजधानी बनाया गया है।

कर्नाटक स्थापना दिवस भी आज है , प्रत्येक वर्ष 1 नवम्बर को मनाया जाता है। कर्नाटक जिसे कर्णाटक भी कहते हैं, दक्षिण भारत का एक राज्य है। इस राज्य का गठन 1 नवंबर, 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम के अधीन किया गया था। पहले यह मैसूर राज्य कहलाता था। 1973 में पुनर्नामकरण कर इसका नाम कर्नाटक कर दिया गया था। कर्नाटक शब्द के उद्गम के कई व्याख्याओं में से सर्वाधिक स्वीकृत व्याख्या यह है कि कर्नाटक शब्द का उद्गम कन्नड़ शब्द ‘करु’ अर्थात ‘काली या ऊंची’ और ‘नाडु’ अर्थात ‘भूमि या प्रदेश या क्षेत्र’ से आया है, जिसके संयोजन ‘करुनाडु’ का पूरा अर्थ हुआ ‘काली भूमि या ऊंचा प्रदेश’। ‘काला’ शब्द यहां के बयालुसीम क्षेत्र की काली मिट्टी से आया है और ऊंचा यानि दक्कन के पठारी भूमि से आया है।

आज केरल स्थापना दिवस प्रतिवर्ष ‘1 नवंबर’ को मनाया जाता है। केरल भारत के दक्षिण पश्चिम कोने का एक राज्य है। इस राज्य को “गॅाड्स ओन कंट्री” भी कहा जाता है। स्वतंत्रता प्राप्ति से पूर्व केरल में राजाओं की रियासतें थीं। हालांकि केरल का इतिहास ईसाई युग तक का है, जबकि आधुनिक केरल को 1 नवंबर, 1956 को बनाया गया था, जब सब राज्यों को भाषा के आधार पर पुनर्गठित किया गया। केरल कई मायनों में बाकी भारत से अलग है। केरल का क्षेत्रफल 38,863 वर्ग कि.मी. है। राज्य की सीमा एक ओर से समुद्र के साथ और इसके अलावा कर्नाटक और तमिलनाडु से भी जुड़ी है। तिरुवनंतपुरम जिसे त्रिवेंद्रम भी कहते हैं, केरल की राजधानी है और इसका कोवलम समुद्र तट दुनिया भर में मशहूर है। स्वतंत्रता प्राप्ति से पूर्व केरल में राजाओं की रियासतें थीं। 1 जुलाई 1949 में तिरुवितांकूर और कोचीन रियासतों को जोडकर ‘तिरुकोच्चि’ राज्य का गठन किया गया। उस समय मालाबार प्रदेश मद्रास राज्य (वर्तमान तमिलनाडु) का एक जिला मात्र था। 1 नवंबर 1956 में तिरुकोच्चि के साथ मालाबार को भी जोडा गया और इस तरह वर्तमान केरल की स्थापना हुई। इस प्रकार ‘ऐक्य केरलम’ के गठन के द्वारा इस भूभाग की जनता की दीर्घकालीन अभिलाषा पूर्ण हुई।

मध्यप्रदेश भारत का एक अहम राज्य है , इसकी स्थापना 1 नवंबर, 1956 में हुई थी। यह राज्य 1 नवंबर, 2000 तक क्षेत्रफल के आधार पर भारत का सबसे बड़ा राज्य था। इस दिन मध्य प्रदेश के कई नगर उससे हटाकर छत्तीसगढ़ की स्थापना हुई थी। मध्य प्रदेश की सीमाएँ पांच राज्यों की सीमाओं से मिलती हैं। इसके उत्तर में उत्तर प्रदेश, पूर्व में छत्तीसगढ़, दक्षिण में महाराष्ट्र, पश्चिम में गुजरात तथा उत्तर-पश्चिम में राजस्थान है।
मध्य प्रदेश के इतिहास पर नज़र डाले तो पता चलता है कि यहाँ 10वीं शताब्दी में कलचुरी शासक काफ़ी शक्तिशाली हो गए थे। उनके समकालीन थे- धार के परमार, ग्वालियर में कछवाहा और झाँसी से 160 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में खजुराहो में चंदेल। बाद में तोमरों ने ग्वालियर और जनजातीय गोंडों ने शासन किया। 11वीं शताब्दी में मुसलमानों के आक्रमण शुरू हुए। ग्वालियर की हिन्दू रियासत को 1231 ई. में सुल्तान शम्सुद्दीन इल्तुतमिश ने दिल्ली में मिला लिया। 14वीं शताब्दी में ख़िलजी सुल्तानों ने मालवा को बरबाद किया। इसके बाद मुग़ल शासक अकबर (1556-1605 ई.) ने इसे मुग़ल साम्राज्य में मिला लिया। 18वीं शताब्दी के प्रारम्भ में मराठा शक्ति ने मालवा पर अधिकार किया और 1760 ई. तक एक बड़ा भूभाग, जो अब मध्य प्रदेश है, मराठों के शासन में आ गया। 1761 ई. में पेशवा की पराजय के साथ ही ग्वालियर में सिंधिया और दक्षिण-पश्चिम में इंदौर में होल्कर राजवंश का शासन स्थापित हुआ। इंदौर की रानी अहिल्याबाई होल्कर, गोंड की महारानी कमलापति और रानी दुर्गावती आदि कुछ महान् महिला शासकों ने अपने उत्‍कृष्‍ट शासन के लिए भारतीय इतिहास में अपना नाम स्‍वर्णाक्षरों में लिखवा लिया।

पंजाब का नाम आते ही बहुत सारी चीजें दिमाग मे आने लगती मसलन स्वर्णमंदिर , खान पान , हरदिल इंसान । पंजाब उत्तर-पश्चिम भारत का एक राज्य है, जिसकी स्थापना 1 नवम्बर, 1956 में की गई थी। पंजाब वृहद्तर पंजाब क्षेत्र का एक भाग है। इसका दूसरा भाग पाकिस्तान में है। पंजाब क्षेत्र के अन्य भाग (भारत के) हरियाणा और हिमाचल प्रदेश राज्यों में हैं। इसके पश्चिम में पाकिस्तानी पंजाब, उत्तर में जम्मू और कश्मीर, उत्तर-पूर्व में हिमाचल प्रदेश, दक्षिण और दक्षिण-पूर्व में हरियाणा, दक्षिण-पूर्व में केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ और दक्षिण-पश्चिम में राजस्थान राज्य हैं। पंजाब के प्रमुख नगरों में अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला और बठिंडा हैं।
प्राचीन समय में पंजाब भारत और ईरान का क्षेत्र था। यहाँ मौर्य, बैक्ट्रियन, यूनानी, शक, कुषाण, गुप्त आदि अनेक शक्तियों का उत्थान और पतन हुआ। पंजाब मध्य काल में मुस्लिम शासकों के अधीन रहा। यहाँ सबसे पहले गज़नवी, ग़ोरी, ग़ुलाम वंश, ख़िलजी वंश, तुग़लक,लोदी और मुग़ल वंश के शासकों ने यहाँ राज किया। 15वीं और 16वीं शती में गुरु नानकदेव जी की शिक्षाओं से भक्ति आंदोलन ने ज़ोर पकड़ा। सिख पंथ ने एक धार्मिक और सामाजिक आंदोलन को जन्म दिया, मूल रूप से जिसका उद्देश्य सामाजिक और धार्मिक कुरीतियों को दूर करना था। दसवें गुरु गोविंद सिंह जी ने सिखों को ‘खालसा पंथ’ के रूप में संगठित किया। मुग़लों के दमन और अत्याचार के ख़िलाफ़ सिक्खों को एकत्र करके ‘पंजाबी राज’ की स्थापना की। पंजाब में ही बनवारीदास ने उत्तराडी साधुओं की मंडली बनाई थी। एक फ़ारसी लेखक ने लिखा है कि ‘महाराजा रणजीत सिंह ने पंजाब को ‘मदम कदा'(‘बाग़-ए-बहिश्त’)’ अर्थात् स्वर्ग में बदल दिया था। उनके देहांत के बाद अंग्रेज़ों की साज़िशों से यह साम्राज्य समाप्त हो गया। 1849 में दो युद्धों के बाद पंजाब ब्रिटिश साम्राज्य में आ गया था।
पूर्वी पंजाब की आठ रियासतों को मिलाकर नया राज्य ‘पेप्सू’ बनाया गया और ‘पूर्वी पंजाब राज्य संघ, पटियाला’ का निर्माण करके पटियाला को इसकी राजधानी बनाया गया। 1956 में ‘पेप्सू’ को पंजाब में मिला दिया गया। 1966 में पंजाब के कुछ भाग से ‘हरियाणा’ राज्य का निर्माण किया गया।

आज हरियाणा दिवस है जिसे प्रत्येक वर्ष आज के दिन मनाया जाता है। कभी रेतीले और कीकर के जंगलों के लिए पहचाना जाने वाला हरियाणा अब काफ़ी समृद्ध हो गया है। प्रदेश के इतिहास पर गौर करें तो हरियाणा 1 नवंबर, 1966 को अस्तित्व में आया था। कांग्रेस के भगवत दयाल शर्मा पहले मुख्यमंत्री बने। यह वह समय था, जब हरियाणा के पास विरासत में केवल कीकर और रेतीले और बंजर सरीखे इलाके थे। बुनियादी सुविधाएं न के बराबर थीं। विकास की बुनियाद की तरफ हरियाणा आगे बढ़ा। सियासी करवटें भी इसी हिसाब से बनती-बदलती रहीं। इसी दौरान यह छोटा सा सूबा अपने राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण सुर्खियों में भी रहा।
1960 के दशक की शुरुआत में उत्तरी पंजाब के पंजाबी भाषा सिक्खों और दक्षिण में हरियाणा क्षेत्र के हिन्दीभाषी हिंदुओं द्वारा भाषाई आधार पर राज्यों की स्थापना की मांग ज़ोर पकड़ने लगी थी, लेकिन सिक्खों द्वारा पंजाबी भाषी राज्य की ज़ोरदार मांग के करण ही इस मुद्दे को बल मिला। 1966 में पंजाब पुनर्गठन अधिनियम के पारित होने के साथ ही पंजाब के साथ-साथ हरियाणा भी भारत का एक पृथक् राज्य बन गया। सामाजिक और आर्थिक विकास के दृष्टिकोण से छोटे से राज्यों के गठन का प्रयोग सफल साबित हुआ है, बशर्ते उन्हें सबल और योग्य नेतृत्व मिले, जैसा कि इन दो राज्यों ने सिद्ध किया है ।

ऐश्वर्या राय बच्चन आज 1 नंवबर को अपना 45वां बर्थडे मना रही हैं उन्हें ढेर सारी बधाई ।1991 में सुपरमॉडल कॉन्टेस्ट जीत कर विज्ञापन की दुनिया मे प्रवेश करने वाली राय 1993 में आमिर खान के साथ पेप्सी के विज्ञापन में आकर वह रातों-रात फेमस हो गईं । 1994 में मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने के बाद तो उनकी दुनिया ही बदल गई । 1997 में मणिरत्नम की तमिल फिल्म ‘इरुवर’ से फिल्मी दुनिया में कदम रखने वाली राय बॉलीवुड की फिल्म ‘और प्यार हो गया’ में प्रवेश किया । संजय लीला भंसाली की 2000  में आई ‘हम दिल दे चुके सनम’ फिल्म ऐश्वर्या के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई , फिल्म की अपार सफलता से काफी शोहरत मिली । इसके बाद उतराव चढ़ाव के साथ समय बीतता रहा । फिर आई मणिरत्नम की फिल्म ‘गुरू’ जिसमे ऐश्वर्या के साथ अभिषेक बच्चन थे । कहा जाता है की शूटिंग के दौरान ही शादी की बात बनी और फिर फिल्म की रिलीज के कुछ समय बाद दोनों ने शादी कर ली । आज उनकी 6 साल की बेटी है । ऐश्वर्या राय बच्चन आज हिन्दी फ़िल्म जगत् की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में से एक हैं जिन्होंने बॉलीवुड को अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी विशेष पहचान दिलायी। ऐश्वर्या राय ने हिन्दी के अलावा तेलुगू, तमिल, बंगाली और अंग्रेज़ी फ़िल्मों में भी काम किया है आज जन्मदिन पर हार्दिक बधाई ।

आज भारतीय जनता पार्टी के कर्मठ नेता , सोलहवीं लोकसभा के बरेली से सांसद एवं केंद्र सरकार में वित्त राज्य मंत्री मांनीनय श्री संतोष गंगवार जी को जन्मदिन की बधाई । इससे पूर्व आप केंद्र सरकार में कपड़ा राज्य मंत्री थे। श्रधेय अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में आप पेट्रोलियम राज्यमंत्री रह चुके हैं।


विक्रम संवत् 2075 कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि दिन बृहस्पतिवार आप सबके लिए शुभ और मनोकूल हो ।
जय श्री राम ।