जिंदगी अनमोल है , अपने क्षणिक आनन्द के लिए मिट्टी के भाव मिट्टी में मत मिलना गुडमॉर्निंग

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जिंदगी अनमोल है , अपने क्षणिक आनन्द के लिए मिट्टी के भाव मिट्टी में मत मिलना गुडमॉर्निंग ,

आज 1 दिसंबर साल के आखरी माह का पहला दिन को विश्व एड्स दिवस, सीमा सुरक्षा बल स्थापना दिवस एवं नागालैंड स्थापना दिवस मनाया जाता है ।

इसके साथ आज काका कालेकर की जयंती है तो सुचेता कृपलानी , विजयलक्ष्मी पण्डित और दादा धर्माधिकारी ,बिहार विधान सभा के पूर्व अध्यक्ष शिवचन्द्र झा की पुण्यतिथि है ।

आज पटना में भाजपा का “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ संकाय ‘बेटी सम्मान समारोह’ आयोजित कर रहा है । विद्यापति भवन में आयोजित इस समारोह में माननीय केंद्रीय मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी जी शामिल होंगी।

आज विश्व एड्स डे है यानी विश्व एड्स दिवस पूरी दुनिया में हर साल आज के दिन 1 दिसम्बर को लोगों को एड्स (एक्वायर्ड इम्युनो डेफिशियेंसी सिंड्रोम) के बारे में जागरुक करने के लिये मनाया जाता है। एड्स ह्यूमन इम्यूनो डेफिशियेंसी (एचआईवी) वायरस के संक्रमण के कारण होने वाला महामारी का रोग है। संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति ने साल 1995 में विश्व एड्स दिवस के लिए एक आधिकारिक घोषणा की जिसका अनुकरण दुनिया भर में अन्य देशों द्वारा किया गया। विश्व एड्स दिवस की पहली बार कल्पना 1987 में अगस्त के महीने में थॉमस नेट्टर और जेम्स डब्ल्यू बन्न द्वारा की गई थी। थॉमस नेट्टर और जेम्स डब्ल्यू बन्न दोनों डब्ल्यू.एच.ओ.(विश्व स्वास्थ्य संगठन) जिनेवा, स्विट्जरलैंड के एड्स ग्लोबल कार्यक्रम के लिए सार्वजनिक सूचना अधिकारी थे। उन्होंने एड्स दिवस का अपना विचार डॉ. जॉननाथन मन्न (एड्स ग्लोबल कार्यक्रम के निदेशक) के साथ साझा किया, जिन्होंने इस विचार को स्वीकृति दे दी और वर्ष 1988 में 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस के रुप में मनाना शुरु कर दिया। उनके द्वारा हर साल 1 दिसम्बर को सही रुप में विश्व एड्स दिवस के रुप में मनाने का निर्णय लिया गया।
भारत मे 1986 में चेन्नई में डॉ सुनीति सोलोमन ने एक महिला यौनकर्मी में एड्स के वायरस की पहचान की थी । इसे भारत में एड्स का पहला मामला माना जाता है लेकिन उसके बाद से एड्स का संकट एक महामारी के तौर पर लगातार बढ़ता जा रहा है ।

आज सीमा सुरक्षा बल / Border Security Force / बी.एस.एफ़. दिवस है ।देश के उत्कृष्ट बलों में से एक ‘सीमा सुरक्षा बल’ की स्थापना 1 दिसम्बर, 1965 को मौलिक रूप से पाकिस्तान तथा बांग्लादेश के साथ अन्तर्राष्ट्रीय सीमाओं को सुरक्षित बनाने के लिए की गई थी। समय की मांग एक ऐसे बल की स्थापना की थी, जो सीमाओं की सुरक्षा के लिए थल सेना की तरह प्रशिक्षित हो तथा सीमा पार अपराध को रोकने के लिए पुलिस की तरह कार्य करें। इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु गठित सचिवों की एक समिति की सिफारिश के अनुसार दिनांक 1 दिसम्बर, 1965 को के. एफ़. रुस्तमजी के कुशल नेतृत्व में ‘सीमा सुरक्षा बल’ का गठन किया गया। ऑपरेशन के लिए गठित इस बल की कार्य क्षमता में लगातार वृद्धि हुई तथा आज यह बल देश का उत्तम भरोसेमंद व्यावसायिक बलों में एक है। सीमा सुरक्षा बल’ अपनी स्थापना के समय 25 वाहिनियों से प्रारंभ किया गया था। इस बल में आज 175 वाहिनियाँ हैं।

आज देश के पूरब का स्विजरलैंड नागालैंड राज्य का स्थापना दिवस है । आज ही के दिन नागालैंड 1 दिसंबर, 1963 को भारतीय संघ का 16 वां राज्य बना। यह ‘नगा हिल्‍स तुएनसांग’ क्षेत्र कहलाता था । 1961 में इसका नाम बदलकर ‘नगालैंड’ रखा गया और इसे ‘भारतीय संघ’ के राज्‍य का दर्जा दिया गया, जिस‍का विधिवत उद्घाटन 1 दिसंबर, 1963 को हुआ। 16,579 वर्ग किमी में फैला यह प्रदेश सरमती पर्वत शृंखला नागालैंड और म्‍यांमार के मध्य एक प्राकृतिक सीमा रेखा का निर्माण देती है। यहाँ की कुल जनसंख्या का 89% ईसाई समुदाय के है , हिन्दू करीब 9 % , मुस्लिम 2% है ।

काका कालेलकर के नाम से विख्यात दत्तात्रेय बालकृष्ण कालेलकर भारत के प्रसिद्ध शिक्षाशास्त्री, पत्रकार और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। काकासाहेब कालेलकर ने गुजराती और हिन्दी में साहित्यरचना की। उन्होने हिन्दी की महान सेवा की। आज उनकी जयंती है , आज ही के दिन 1885 में इनका जन्म महाराष्ट्र के सतारा में हुआ था ।

सुचेता कृपलानी एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी एवं राजनीतिज्ञ थीं। ये उत्तर प्रदेश की मुख्य मंत्री बनीं और भारत की प्रथम महिला मुख्य मंत्री थीं। स्वतंत्रता आंदोलन में श्रीमती सुचेता कृपलानी के योगदान को भी हमेशा याद किया जाएगा। 1908 में जन्मी सुचेता जी की शिक्षा लाहौर और दिल्ली में हुई थी। आज ही के दिन 1974 में इनका निधन दिल्ली में हुआ ।

विजय लक्ष्मी पंडित भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु की बहन थीं। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में विजय लक्ष्मी पंडित ने अपना अमूल्य योगदान दिया। इनका निधन 1990 में आज ही के दिन देहरादून में हुआ था ।

प्रसिद्ध गाँधीवादी चिन्तक , हिंदी,  मराठी, गुजराती,  बांग्ला, संस्कृत और अंग्रेजी भाषाओ के ज्ञाता शंकर त्रिम्बक धर्माधिकारी उर्फ दादा धर्माधिकारी’ भारत के एक स्वतंत्रता सेनानी, गाँधीवादी चिन्तक और प्रसिद्ध लेखक थे। इनका जन्म 1899 में मध्य प्रदेश के बैतूल जिला में हुआ था तथा आज ही के दिन 1985 इनका निधन महाराष्ट्र के वर्धा सेवाग्राम में हुआ था ।

आज 1 दिसंबर है आज ही के दिन 1997 में लक्ष्मणपुर बाथे कांड हुआ था जिसमे 62 लोगों को मौत हो गई थी । निचली अदालत ने वर्ष 2010 में 16 लोगों को मृत्युदंड और 10 को उम्र कैद की सजा सुनाई थी, अक्टूबर 2013 में पटना हाईकोर्ट ने सबको सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया था ।


दूनिया भर में ड्रोन उड़ाने को लेकर कई तरह के कानून और सावधानियां होतीं हैं। ठीक उसी तरह भारत में भी ड्रोन उड़ाने पर तरह-तरह के नियमों को देखना पड़ रहा था। अब केंन्द्र सरकार ने फैसले के मुताबिक आज 1 दिसम्बर से  देश में ड्रोन उड़ाने को कानूनी मंजूरी मिल सकती है। नगर विमानन मंत्रालय ने इसके लिए एक नियमावली तैयार कर ली है जो एक दिसंबर से लागू होगी। इसमें ड्रोन उपयोगकर्ताओं को अपने ड्रोन, पायलट और मालिकों का एक बार रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा।

Madame Tussaud’s एक फ़्रांसिसी कलाकार थी।वह उनके द्वारा बनाए गए मोम के आदमकद पुतलों के लिए प्रसिद्धि हैं।उन्होने लंदन में Madame Tussaud’s संग्राहलय की स्थापना की थी।मैडम तुसाद का जन्म 1 दिसंबर 1761 को स्ट्रॉसबर्ग, फ्रांस में हुआ था ।

आज विक्रम संवत् 2075 मार्ग शीर्ष कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि दिन शनिवार आप सबके लिए शुभ और सप्ताहांत मनोकूल हो ।