प्रातःवंदनम सुप्रभातम

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आज 30 ओक्टुबर आप सबके लिए मंगल ही मंगल हो

आलेख : अर्चना राय भट्ट / 30 ओक्टुबर / पटना 

प्रातःवंदनम सुप्रभातम

इतिहास में घटित-घटनाएं, जन्म लिए व्यक्ति, विदा लिए महान व्यक्ति, पर्व और उत्सव से जुड़ी बहुत सी ऐसी बातें जो हमें कुछ सीख दे जाती है । और कहती है कि हमें भी अपने जीवन को जीनें का ढंग सीखना चाहिए । साथ ही कैसे संघर्ष, और उत्साह के साथ आगे बढ़ना है । इस तरह की तमाम बाते सामने आती है । इसके साथ वर्तमान में क्या है यह भी अहम होता है , मेरी कोशिस होती कि ऐसे तमाम पहलू को जोड़ते हुए आप सबको मंगलमय शुभकामनाएं दुँ । मेरी यह कोशिस कितना आपको पशन्द आती यह आप जानते है । इसी कड़ी में आज 30 ओक्टुबर को भी आप सबके लिए इतिहास के कुछ खास पहलू को समेटे आपके सामने प्रस्तुत कर रही हूँ ।

आज 30 अक्तूबर है , आज ही के दिन वर्ष 1909 को भारत के प्रसिद्ध परमाणु वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा का जन्म मुंबई के एक पारसी परिवार में हुआ। वे भारत के एक प्रमुख वैज्ञानिक थे जिन्होंने भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम की कल्पना की थी। जिन्होंने मार्च 1944 में नाभिकीय उर्जा पर अनुसन्धान आरम्भ किया। उन्होंने नाभिकीय विज्ञान में तब कार्य आरम्भ किया जब नाभिकीय श्रंखला अभिक्रिया का ज्ञान नहीं के बराबर था और नाभिकीय उर्जा से विद्युत उत्पादन की कल्पना को कोई मानने को तैयार नहीं था। उन्हें ‘आर्किटेक्ट ऑफ इंडियन एटॉमिक एनर्जी प्रोग्राम’ भी कहा जाता है। डा. भाभा एक कुशल वैज्ञानिक और प्रतिबद्ध इंजीनियर होने के साथ-साथ एक समर्पित वास्तुशिल्पी, सतर्क नियोजक एवं निपुण कार्यकारी थे। वर्ष 1947 में भारत सरकार द्वारा गठित परमाणु ऊर्जा आयोग के प्रथम अध्यक्ष नियुक्त हुए। वर्ष 1953 में जेनेवा में आयोजित विश्व के परमाणु वैज्ञानिकों के महासम्मेलन की उन्होंने अध्यक्षता की। भारतीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के जनक की 24 जनवरी वर्ष 1966 को एक विमान दुर्घटना में मौत हो गयी।

आज 30 ओक्टुबर आप सबके लिए मंगल ही मंगल हो

इतिहास में 30 अक्टूबर का दिन असम में एक के एक हुए बम विस्फोटों की दुखद घटना के साथ दर्ज है। राजधानी गुवाहाटी और 13 अन्य स्थानों पर 30 अक्टूबर 2008 को हुए इन ताकतवर धमाकों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। देश का यह शांत और हरा भरा इलाका धमाकों की आंच से झुलसकर रह गया। राज्य के कोकराझाड़ जिले में तीन जगहों पर, गुवाहाटी में पांच जगहों पर और बोंगाईगांव में तीन तथा बरपेटा में दो जगहों पर धमाके हुए। इस धमाकों में कुल 66 से अधिक व्यक्तियों की मृत्यु ।

आज ही के दिन 1960 में पहली बार एक जिंदा इंसान को किडनी का सफल ट्रांसप्लांट किया गया था । सर माइकल वुडरफ के इस कदम के बाद से ना जाने कितने मरीजों को नई जिंदगी मिली । आज ही के दिन सर माइकल वुडरफ ने ब्रिटेन के अस्पताल में पहली बार किसी जिंदा इंसान के शरीर से किडनी का प्रत्यारोपण किया था ।

आज 30 अक्तूबर सन 1910 ईसवी को अंतर्राष्ट्रीय रेडक्रॉस संस्था के संस्थापक हेनरी डुनेन्ट का निधन हुआ। उन्होंने युद्धों के घायलों की सहायता का बीड़ा उठाया और इन धायलों को मृत्यु से बचाने के लिए रेड क्रॉस की स्थापना की। डुनेन्ट को इस मानवताप्रोमी कारनामे के कारण 1901 में शांति के नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

आधुनिक भारत के महान चिन्तक, समाज -सुधारक व देशभक्त  आर्य समाज के संस्थापक एक संन्यासी एक महान चिंतक , वेदों की सत्ता को सर्वोपरि मानने वाले महान व्यक्तित्व के स्वामी मूलचंद तिवारी उर्फ महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती  कर्म सिद्धान्त, पुनर्जन्म, ब्रह्मचर्य तथा
सन्यास को अपने दर्शन के चार स्तम्भ बनाने वाले महान विभूतियों में एक जिन्होंने सबसे पहले ‘स्वराज्य’ का नारा देने वाले संत की आज पुण्यतिथि पर श्रद्धा सुमन। इनकी प्रमुख रचनाओं में सत्यार्थ प्रकाश, आर्योद्देश्यरत्नमाला, गोकरुणानिधि, व्यवहारभानु, स्वीकारपत्र सर्वाधिक लोकप्रिय है ।

विश्व मितव्ययिता दिवस
प्रत्येक वर्ष आज के दिन 30 अक्टूबर को पूरी दुनिया में विश्व मितव्ययिता दिवस मनाया जाता है। हलाकि इसपर कई मत है कुछ 31 को यानी कल मानते है तो कुछ आज । वर्ष 1924 में इटली के मिलान में पहला अंतर्राष्ट्रीय मितव्ययिता सम्मेलन आयोजित किया गया था और उसी में एकमत से एक प्रस्ताव पारित कर विश्व मितव्ययिता दिवस मनाये जाने का निर्णय लिया गया। तभी से यह दिन दुनिया भर में बचत करने को प्रोत्साहन देने के लिए मनाया जाता है। मितव्ययिता दिवस केवल बचत का ही दृष्टिकोण नहीं देता है बल्कि यह जीवन में सादगी, संयम, अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण, त्याग एवं आडम्बर-दिखावामुक्त जीवन को प्राथमिकता देता है।

आज के दिन जन्म लिए व्यक्ति :-

1922 में भाजपा के प्रसिद्ध नेता तथा मध्य प्रदेश के भूतपूर्व राज्यपाल भाई महावीर का जन्म हुआ ,
1887 में सुकुमार राय जो बंगाल के लोकप्रिय उपन्यासकार थे , 1932 में बरुन डे, प्रसिद्ध इतिहासकार , 1949 भारतीय जनता पार्टी के कभी नम्बर 3 की हैसियत रखने वाले प्रमोद महाजन वही 1990 में भारत की महिला पिस्टल निशानेबाज़ राही सरनोबत का जन्म हुआ ।

आज 30 अक्टूबर के दिन दुनिया से विदा हुए कुछ महान हस्तियां ….
1883 में स्वामी दयानंद सरस्वती जो एक महान् चिंतक तथा समाज सुधारक , 1990 में विनोद मेहरा, प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता थे ,तथा वी शांताराम, प्रसिद्ध अभिनेता और निर्माता-निर्देशक थे तो 1984 में प्रसिद्ध संगीतकार ख़्वाजा खुर्शीद अनवर का देहांत हुआ , 1974 में बेगम अख़्तर, प्रसिद्ध ग़ज़ल और ठुमरी गायिका थी , 2014 में रॉबिन शॉ, प्रसिद्ध साहित्यकार ने दुनिया से अलविदा कहा ।

विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा-स्टेच्यू ऑफ यूनिटी -के लोकार्पण को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार से गुजरात के दो दिनों के दौरे पर आएंगे। 31 ओक्टुबर को इसका अनावरण होगा । पीएम आज शाम को अहमदाबाद हवाई अड्डा उतरेंगे जहां से वे गांधीनगर स्थित राजभवन जाएंगे। यहां पर वे स्टेच्यू ऑफ यूनिटी में योगदान देने वाले अनेक लोगों से मिलेंगे। मोदी यहीं पर रात्रि विश्राम करेंगे।

प्रमोद व्यंकटेश महाजन एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे। वो भारतीय जनता पार्टी के द्वितीय-श्रेणी के नेताओं में थे। वो “तकनीकज्ञ” रूप से नयी पीढ़ी के नेताओं में से थे जो जिनका कोई राजनैतिक आधार न होते हुए भी इतना राजनैतिक विकास किया हो। वो अपने गृहनगर महाराष्ट्र और भारत के पश्चिमी क्षेत्र में काफ़ी लोकप्रिय थे। आज के दिन उनकी जयंती है । श्रद्धा सुमन अर्पित करती हुँ ।

आज 30 ओक्टुबर आप सबके लिए मंगल ही मंगल हो

आज कार्तिक मास के कृष्णपक्ष की षष्टी तिथि के साथ स्कन्द षष्ठी व्रत, अशोक चन्दन षष्ठी व्रत भी है । आप सभी अपने जीवन में हमेशा हँसते मुस्कुराते रहें ऐसी कामना करता हूँ… सबका मंगल ही मंगल हो ।
जय श्री राम ।