फॉर पीजन्स हैप्पी इन द नेस्ट. रीज्वाइनिंग.. गुडमॉर्निंग इंडिया 🙏

0
330

फॉर पीजन्स हैप्पी इन द नेस्ट. रीज्वाइनिंग.. गुडमॉर्निंग इंडिया 🙏

फॉर पीजन्स हैप्पी इन द नेस्ट. रीज्वाइनिंग … यह एक संदेश नही था यह भारतीय नौसेना की जीत का संखनाद था , खुशियों से ओत प्रोत हर सैनिक के जज्बे को सलाम था और इसका जबाब मिला “” एफ 15 से विनाश के लिए; इससे अच्छी दिवाली हमने आज तक नहीं देखी।”” वह आज 4 दिसंबर का दिन था । उस दिन से लेकर आज तक भारतीय नौसेना अपनी जीत का जश्न आज के दिन मनाती आ रही है ।
भारतीय नौसेना, भारतीय सेना का सामुद्रिक अंग है जो अपने गौरवशाली इतिहास के साथ भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति की रक्षक है। 55,000 नौसैनिकों से सुसज्जित यह विश्व की पाँचवी सबसे बड़ी नौसेना भारतीय सीमा की सुरक्षा को प्रमुखता से निभाते हुए विश्व के अन्य प्रमुख मित्र राष्ट्रों के साथ सैन्य अभ्यास में भी सम्मिलित होती है।

आज भारतीय नौसेना अपनी जीत का जश्न मनाती है । 1971 की जंग में भारतीय नौसेना की पाकिस्तानी नौसेना पर जीत की याद में मनाया जाता है। 3 दिसंबर 1971 से भारत पाकिस्तान की बीच शुरू लड़ाई में नौ सेना आज के दिन शामिल हुई । ऑपरेशन ट्राइडेंट’ के तहत 4 दिसंबर, 1971 को भारतीय नौसेना ने कराची नौसैनिक अड्डे पर भी हमला बोल दिया था। तत्कालीन नौसेना प्रमुख एडमिरल एस.एम. नंदा के नेतृत्व में ऑपरेशन ट्राइडेंट का प्लान बनाया गया था। इसकी जिम्मेदारी 25वीं स्क्वॉर्डन कमांडर बबरू भान यादव को दी गई थी। इस यु्द्ध में पहली बार जहाज पर मार करने वाली एंटी शिप मिसाइल से हमला किया गया था।  हलाकि इस युद्ध मे भारतीय नौसेना का आई.एन.एस. खुकरी भी पानी में डूब गया था। इसमें 18 अधिकारियों सहित लगभग 176 नौसैनिक सवार थे। इसका बदला नौसेना ने पाकिस्तान नौसेना के हेडक्वार्टर पर हमलाकर दिया , एम्‍यूनिशन सप्‍लाई शिप समेत कई जहाज नेस्‍तनाबूद कर दिए, इस दौरान पाक के ऑयल टैंकर भी तबाह हो गए। पीएनएस चैलेंजर और पीएनएस मुहाफिज को मिसाइल से बर्बाद कर पानी में डुबो दिया। कराची के तेल डिपो में मिसाइल मार कर आग लगा दी गई । जिस आग को सात दिनों और सात रातों तक नहीं बुझाया जा सका। अंतः 1971 में भारत पाकिस्तान के बीच हुई जंग दुनिया की सबसे छोटी और सफल लड़ाइयों में गिनी जाती है जो महज 13 दिनों में अपने अंजाम पर पहुंच गई । बांग्लादेश आजाद हो गया । यह अभियान द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के आधुनिक नौसैनिक इतिहास में सबसे सफल माना जाता था। वीरता के शानदार प्रदर्शन को चिह्नित करने के लिए हर साल आज के दिन नौसेना दिवस मनाया जाता है।

लॉर्ड विलियम बेंटिक एक ऐसा नाम जिसने भारत के गवर्नर रहते दो अहम काम किये थे। पहला आज ही के दिन सतीप्रथा को बर्बरता मान कर रोक लगानी शूरु की और दूसरा उच्च शिक्षा में अंग्रेजी की शुरुआत।
1803 से 1808 तक मद्रास के गवर्नर और 1828 से 1835 तक भारत के गवर्नर जनरल रह चुके बेंटिक 29 वर्ष से कम उम्र में 1803 में मद्रास (अब चेन्नई) के गवर्नर के रूप में कार्य शुरू किया , उन्हें 1828 में,  गवर्नर जनरल के रूप में नियुक्त किया गया। उसके प्रशासन में दो सबसे मशहूर और विवादास्पद अधिनियम भी हुए, जिसमे से पहला था सती प्रथा का उन्मूल- इस प्रथा में अपने पति की मौत के बाद उनकी विधवाओं को उनके अंतिम संस्कार के समय उनकी चिता पर बैठ कर खुद को भी जला देना होता था, इसे बेंटिक द्वारा भारतीय बर्बरता का एक चिह्न के रूप में मन गया। दूसरा अंग्रेजी को उच्च शिक्षा के माध्यम के रूप में शुरूआत करना। सती प्रथा केवल उत्तर भारत में उच्च जातियों में पाई जाती थी, और बेंटिक किसी भी कार्रवाई को करने के लिए शुरू में अनिच्छुक था। हालाँकि वह व्यक्तिगत रूप से इस प्रथा के उन्मूलन के पक्ष में था, परन्तु उसने ब्रिटिश सरकार यह भी कहा की हिन्दू धर्म की प्रथाओं में हस्तक्षेप हिन्दुओं के प्रतिरोध को भड़काने वाला होगा। भारतीय बुद्धिजीवियों द्वारा इस बात पर आश्वस्त किये जाने पर की इस प्रथा का भारतीय हिन्दू ग्रंथों में कहीं भी किसी प्रकार का आदेश नहीं है, आज के ही दिन सन 1829 में इस प्रथा की रोक के लिए सम्पूर्ण बिटिश भारत में एक विनियमन जारी किया गया। उसे इसके लिए भारतीय जनता में कोई प्रतिकूल प्रतिक्रिया भी नहीं मिली। बेंटिक के प्रशासन में एक और महत्वपूर्ण फैसला 1835 में किया गया की ब्रिटिश सरकार केवल उन उच्च शिक्षा के संस्थानों को समर्थन देगी, शिक्षा के माध्यम के रूप में केवल अंग्रेजी का इस्तेमाल किया है। बेंटिक ने निर्णय किया की अंग्रेजी के उपयोग से ब्रिटिश सरकार के अनुकूल सुधार संभव हो सकेगा। इसके लिए उसे उस समय के सबसे प्रमुख भारतीय बौद्धिक राम मोहन रॉय और कलकत्ता के व्यवसायीयों द्वारा समर्थन भी मिला।

आज सर्बोच न्यायालय बिहार के लगभग 3.75 लाख नियोजित शिक्षकों के इंतज़ार को खत्म कर सकता है । उमीद है आज कोर्ट समान काम के बदले समान वेतन मामले में जल्द फैसला आ सकता है । आज दो जजों की बेंच कोर्ट नंबर 8 में दोपहर 1:30 बजे के बाद सुनवाई करेगी ।

आज ही लंदन में भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण मामले पर आठ दिन चलने वाली कार्रवाई की शुरुआत होगी । गौरतलब हो कि माल्या पर विभिन्न भारतीय बैंकों के करीब 9,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोप हैं। माल्या दो मार्च 2016 को भारत से ब्रिटेन भाग गए और तब से वहां रह रहे हैं।

आज ईपीएफओ/ कर्मचारी भविष्य निधि संगठन
की बैठक है । मोदी जी की सरकार देश के नौकरी पेशा लोगों के लिए खुशखबरी दे सकती हैं। सरकार ग्रेच्युटी की समय सीमा को 5 साल से घटाकर 3 साल कर सकती है। वहीं न्यूनतम पेंशन जैसे मुद्दे पर भी बड़ा फैसला ले सकती है। अगर इस पर सहमति बन जाती है तो नौकरीपेशा लोगों को दोहरा तोहफा मिलेगा। ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी (सीबीटी) की आज होने वाली बैठक में इन प्रस्तावों को हरी झंडी मिलने की संभावना है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह प्रस्ताव सरकार की तरफ से श्रम मंत्रालय ने तैयार किए हैं। केवल इन प्रस्तावों को बैठक में पास कराना है। प्रस्ताव पास हो जाने के बाद यह सौगात करोड़ों अंशधारकों को मिल जाएगी।

आज भारत के आठवें राष्ट्रपति आर वेंकटरमण और भारत के बारहवें प्रधानमंत्री इन्द्र कुमार गुजराल की जयंती है ।
आज हिन्दी सिनेमा जगत के प्रसिद्ध अभिनेताओं में से एक शशि कपूर की पुण्यतिथि है ।

आज विक्रम संवत 2075 दिनांक 04 दिसंबर 2018 मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि दिन मंगलवार आप सभी के लिए मंगलमय हो ।

जय श्री राम

आलेख : अर्चना राय भट्ट / 4-12-2018 – गया