मंगलमय सुप्रभात प्रणाम भारत 🙏

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मंगलमय सुप्रभात प्रणाम भारत 🙏

आज 2 दिसंबर है , दुनिया के औद्योगिक इतिहास की सबसे बड़ी दुर्घटना 2-3 दिसंबर की रात को भोपाल में हुई थी । आज ही अंतरराष्ट्रीय दास प्रथा उन्‍मूलन दिवस राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस और अंतर्राष्ट्रीय कम्प्यूटर साक्षरता दिवस है। आज ही के दिन 1911 में जॉर्ज पंचम और क्वीन मैरी भारत आने वाले ब्रिटेन के पहले राजा,रानी थे । उनके बंबई (अब मुम्बई) आगमन की याद में ही गेटवे ऑफ इंडिया बनाया गया था ।

आज 2 दिसंबर अंतरराष्ट्रीय दास प्रथा उन्‍मूलन दिवस’ है जो प्रत्येक वर्ष 2 दिसम्बर को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मानव तस्करी को रोकने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसके बाद से हर साल 2 दिसंबर को यह दिवस मनाया जाता है। दास प्रथा का उन्मूलन करने के लिए दुनिया भर में भले ही कितने भी प्रयास किए जा रहे हों,लेकिन बेरोजगारी का सामना कर रहे देशों के नागरिकों के दूसरे देशों में घरेलू नौकरों और कामगारों के तौर पर काम करने के रूप में यह प्रथा अब भी कायम है।दक्षिण एशिया विशेष रूप से भारत, पाकिस्तान और नेपाल में ग़रीबी से तंग लोग ग़ुलाम बनने पर मजबूर हुए। भारत में भी बंधुआ मज़दूरी के तौर पर दास प्रथा जारी है। हालांकि सरकार ने वर्ष 1975 में राष्ट्रपति के एक अध्यादेश के जरिए बंधुआ मज़दूर प्रथा पर प्रतिबंध लगा दिया था, किंतु इसके बावजूद यह सिलसिला आज भी जारी है। भारत के ‘श्रम व रोजगार मंत्रालय’ की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार देश में 19 प्रदेशों से दो लाख 86 हज़ार 612 बंधुआ मज़दूरों की पहचान की गई और उन्हें मुक्त कराया गया। उत्तर प्रदेश के 28 हज़ार 385 में से केवल 58 बंधुआ मज़दूरों को पुनर्वासित किया गया।

यूनियन कार्बाइड भोपाल ,
भोपाल की गैस त्रासदी पूरी दुनिया के औद्योगिक इतिहास की सबसे बड़ी दुर्घटना है। अनुमान के मुताबिक 30-35 हजार लोगों की जान चली गई थी और करीब 50 हजार से ज्यादा लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुचे थे । दो- तीन दिसंबर, 1984 को आधी रात के बाद सुबह यूनियन कार्बाइड की फैक्टरी से निकली जहरीली गैस (मिक या मिथाइल आइसो साइनाइट) ने हजारों लोगों की जान ले ली थी। मरने वालों की संख्या को लेकर मदभेद हो सकते हैं, लेकिन इन त्रासदी की गंभीरता को लेकर किसी को कोई शक, शुबहा नहीं होगा।  कार्बाइड फैक्टरी से करीब 40 टन गैस का रिसाव हुआ था और इसका कारण यह था कि फैक्टरी के टैंक नंबर 610 में जहरीली मिथाइल आइसोसाइनेट गैस से पानी मिल गया था। इस घटना के बाद रासायनिक प्रक्रिया हुई और इसके परिणामस्वरूप टैंक में दबाव बना। अंतत: टैंक खुल गया और गैस वायुमंडल में फैल गई।

आज 2 दिसंबर राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस है ।
2 दिसम्बर विश्व के इतिहास की सबसे बड़ी औद्योगिक प्रदूषण आपदा के रूप में शामिल ‘भोपाल गैस त्रासदी’ कांड में अपनी जान गँवा देने वाले लोगों की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है।
भारत मे राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड या केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) कम्पनियों के द्वारा किये जा रहे प्रदुषण पर निगरानी करता है।
महाराष्ट्र में अपना स्वंय का नियंत्रण बोर्ड है, जिसे ‘महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड’ (एमपीसीबी) कहा जाता है । बिहार में बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद है। प्रदूषण रोकने के लिये नीति, नियमों के उचित कार्यान्वयन और प्रदूषण के सभी निवारक उपायों के साथ ही राज्य सरकार द्वारा कई अन्य प्रयास किये गए हैं। उद्योगों को सबसे पहले प्रदूषण को कम करने के लिए प्राधिकरण द्वारा लागू किये गये सभी नियमों और विनियमों का पालन करना होगा। प्राकृतिक संसाधन जैसे जल, वायु, भूमि या वन विभिन्न प्रकार के प्रदूषण द्वारा तेजी से प्रभावित हो रहे हैं, जिन्हें सही तरीके से नियमों और विनियमों को लागू करके तुरंत सुरक्षित करना बहुत ज़रूरी है।

आज के दिन ही विश्वनाथ प्रताप सिंह भारत गणराज्य के आठवें प्रधानमंत्री बने थे । वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके थे । उनका शासन एक साल से कम चला, 2 दिसम्बर 1989 से 10 नवम्बर 1990 तक। विश्वनाथ प्रताप सिंह । विश्वनाथ प्रताप सिंह भारत के आठवें प्रधानमंत्री थे। विश्वनाथ प्रताप सिंह को आजाद भारत के सबसे चमकदार सितारों में से एक होना चाहिए था । जिसने राजनीतिक भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे कठिन लड़ाई लड़ी, रक्षा सौदों में दलाली के खिलाफ सत्ता से विद्रोह किया, जाति व्यवस्था को सबसे बड़ी चुनौती दी और सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ आमरण अनशन करके अपनी किडनी खराब कर ली । किडनी की तकलीफ से ही जिनकी जान गई, उस आदमी की मौत इतनी गुमनाम हुई कि कोई भी नेता वी.पी. सिंह के रास्ते पर चलने से पहले चार बार सोचेगा ।
वी.पी. सिंह को उनकी जयंती पर कोई नेता याद नहीं करता । सोशल मीडिया पर बेशक कुछ लोग उनके नाम पर फूलमालाएं चढ़ाते हैं, लेकिन यह भी कोई आम चलन नहीं है । यह एक बड़ा सवाल भी है आखिर ऐसा क्यो हुआ …..

आज 02 दिसंबर 2018 मार्ग शीर्ष कृष्ण पक्ष दशमी तिथि दिन रविवार आप सबके लिए सर्वोत्तम हो ।
जय श्री राम