मंगलमय सुप्रभात भारत 🙏

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मंगलमय सुप्रभात भारत 🙏

आज महीने की आखरी तारीख है । कश्मीर में अब तक सुरक्षा बलों और आतंकियों से हुए मुठभेड़ में पिछले सारे रिकॉर्ड टूट गए । आतंकियों के लिए नवम्बर कब्रगाह बन गया । कल 29 तारीख तक कश्मीर में 39 आतंकवादियों का सुरक्षा बलों ने सफाया कर दिया है इनमें नवीद जट जैसे टॉप आतंकवादी कमांडर्स भी शामिल हैं । ये पिछले दो साल में किसी एक महीने में मारे जाने वाले आतंकवादियों की सबसे बड़ी तादाद है । इसे कहते है बदलाव जय श्री राम ।

इन्द्र कुमार गुजराल भारत के बारहवें प्रधानमंत्री थे। यह उस समय प्रधानमंत्री बने जब कांग्रेस की समर्थन वापसी के भय से संयुक्त मोर्चा सरकार ने नेतृत्व परिवर्तन की उसकी मांग स्वीकार कर ली। तब एच. डी. देवगौड़ा को 10 माह के पश्चात् प्रधानमंत्री का पद छोड़ना पड़ा। उन्होंने 21 अप्रैल, 1997 को अपने पद से त्यागपत्र दे दिया और इसी दिन इन्द्र कुमार गुजराल प्रधानमंत्री के पद पर नियुक्त हो गए। लेकिन यह भी ज़्यादा समय तक प्रधानमंत्री के पद को सुशोभित नहीं कर सके। 19 मार्च, 1998 को कांग्रेस द्वारा समर्थन वापस लिए जाने के बाद उन्हें भी पद छोड़ना पड़ा। इस प्रकार इन्द्र कुमार गुजराल लगभग एक वर्ष तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। आज इनकी पुण्यतिथि है श्रद्धांजलि ।

जगदीश चंद्र बोस गिरिडीह, बंगाल (वर्तमान बांग्लादेश)) भारत के प्रसिद्ध भौतिकविद् तथा पादपक्रिया वैज्ञानिक थे। जगदीश चंद्र बोस ने कई महान् ग्रंथ भी लिखे हैं, जिनमें से कुछ निम्नलिखित विषयों पर आधारित हैं, जैसे- सजीव तथा निर्जीव की अभिक्रियाएँ (1902), वनस्पतियों की अभिक्रिया (1906), पौधों की प्रेरक यांत्रिकी (1926) इत्यादि । उन्होंने भौतिकी, जीवभौतिकी, जीवविज्ञान, वनस्पति विज्ञान, पुरातत्त्व, बांग्लासाहित्य, बांग्ला विज्ञान कथाओं पर कार्य किया था । उनका विषय भौतिकी एवं जीव विज्ञान था जिसमे उनके द्वारा खोज किया गया रेडियो, मिलीमीटर तरंगें, क्रेस्कोग्राफ़ । उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय, क्राइस्ट महाविद्यालय, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय, लंदन विश्वविद्यालय में शिक्षा हासिल की थी । आज ही के दिन उनका जन्म हुआ था ।

आज 30 नवंबर है आज ही की तारीख वर्ष 2000 में भारत की प्रियंका चोपड़ा ने मिसवर्ल्ड का खिताब अपने नाम किया था । लंदन के मिलेनियम डोम में हुई इस प्रतियोगिता के फाइनल दौर में प्रियंका चोपड़ा ने मदर टेरेसा को सबसे सफल महिला बता कर यह खिताब अपने नाम किया था ।

सुधा मल्होत्रा भारतीय पार्श्वगायिका एवं अभिनेत्री हैं। उन्होंने बहुत कम समय में ही शोहरत हासिल कर ली। उनके गाये हुए गाने आज भी दर्शकों के पसंदीदा गानों में शामिल हैं। उन्होंने पार्श्वगायिक के रूप में 1950 और 1960 के दशक में कुछ लोकप्रिय हिन्दी फ़िल्मों जैसे- ‘आरज़ू’, ‘धूल का फूल’, ‘दीदी’, ‘काला पानी’, ‘बरसात की रात’, ‘अब दिल्ली दूर नहीं’ और ‘देख कबीरा रोया’ में काम किया। आख़िरी बार उन्हें 1982 में राज कपूर की फ़िल्म ‘प्रेम रोग’ के गीत ‘ये प्यार था या कुछ और था’ में सुना गया था। हिंदी गीतों के अलावा, सुधा ने कई लोकप्रिय मराठी गीतों (भावजीत) को भी गाया था। सुधा मल्होत्रा को 2013 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
आज उनकी जयंती है ।

आज 30 नवंबर को जन्मे महान हस्ती
1835 – प्रसिद्घ लेखक मार्क ट्वैन।
1858 – प्रसिद्ध वैज्ञानिक जगदीश चन्द्र बोस 1944 – मैत्रेयी पुष्पा – हिंदी की प्रसिद्ध साहित्यकार हैं।
1931 – रोमिला थापर, भारतीय इतिहासकार 1936 – सुधा मल्होत्रा – हिन्दी फ़िल्मों की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका।
1888 – गेंदालाल दीक्षित – भारत के प्रसिद्ध क्रांतिकारी थे।

आज 30 नवंबर को महान हस्तियों ने दुनिया को अलविदा कहा ।
2010 – राजीव दीक्षित – भारतीय वैज्ञानिक और स्वदेशी आंदोलन प्रणेता।
2012- इन्द्र कुमार गुजराल – भारत के बारहवें प्रधानमंत्री
1915- गुरुजाडा अप्पाराव- प्रसिद्ध तेलुगु साहित्यकार
1909 – रमेश चन्द्र दत्त – अंग्रेज़ी और बंगला भाषा के प्रसिद्ध लेखक, ये धन के बहिर्गमन की विचारधारा के प्रवर्तक तथा महान् शिक्षाशास्त्री थे।

आज विक्रम संवत् 2075 मार्ग शीर्ष कृष्ण अष्टमी दिन शुक्रवार आप सबके लिए शुभ और मनोकूल हो ।