सुप्रभात 5 ओक्टुबर शुभ हो

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शुभ सुप्रभात प्रणाम भारत 🙏
🙏आज 5 ओक्टुबर विश्व शिक्षक दिवस यानी World Teacher’s day और विश्व मुस्कान दिवस यानी World smile day है ।
इन दोनो दिवस का आपस में अजीब सयोग है विश्व शिक्षक दिवस यानी आपके भविष्य के मुस्कान की नींव डालने वाले व्यक्तित्व के स्मरण में मनाया जाने वाला पल । स्माइल डे यानी आपकी सारी इंद्रियों में एक सामंजस्य में निकलता तरंग जो आपको कुछ पल के लिए हर गम हर दर्द से दूर एक संक्रामक चिकित्सा है । जो आत्म विश्वासी बनाती है , रोगों से लड़ने की क्षमता में वृद्धि करती है , दुख दर्द को कम कर सकारात्मक सोच को विकसित करती है , हृदय गति को घटाती है एवं शरीर को आराम प्रदान करती है ,एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज करती है जिससे तनाव नही होते , दो लोंगो के बीच भावनाओ के सृजन में सेतु का काम करती है । अफसोस , पछतावा , आत्मग्लानि , अपराधबोध से दूर रखते हुए आपको आत्मबल प्रदान करती है आपके चेहरे की मुस्कान ।

विश्व मुस्कान दिवस प्रति वर्ष अक्टूबर महीने के पहले शुक्रवार को हार्वे बॉल के स्लोगन ” एक मुस्कुराहट से इस दुनिया को बेहतर बनाएँ।” के याद में मनाया जाता है । आप सभी को सभी को विश्व मुस्कान दिवस की शुभकामनाएँ , हमेशा मुस्कुराते रहें, खुश रहें!
improving this world, one smile at a time

दुनिया में शिक्षा का महत्व बताने में शिक्षक की भूमिका और उसकी जिम्मेदारियों को समझाने के लिए मनाया जाता है। साउ पोलो, ब्राज़ील के एक छोटे-से स्कूल के कुछ शिक्षकों ने 15 अक्टूबर, 1947 को पहली बार शिक्षक दिवस का आयोजन किया था।
यूनेस्को ने 5 अक्टूबर को ‘अन्तरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस’ घोषित किया था। वर्ष 1994 से ही इसे मनाया जा रहा है। शिक्षकों के प्रति सहयोग को बढ़ावा देने और भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए शिक्षकों के महत्व के प्रति जागरुकता लाने के मकसद से इस विशिष्ट दिन की शुरुआत की गई थी।

आज भारतीय इतिहास की एक ऐसी छात्राणी की जयंती है जो आज़ादी , शौर्य , वीरता और बलिदान की मिशाल थी । इस भारत भूमि ने आजादी और धर्म की रक्षा के लिए बहुत से बलिदान लिए हैं । उनमे से एक हैं महान रानी दुर्गावती जी जिनका सौभाग्य से आज जन्म दिवस है ..रानी दुर्गावती वीर और साहसी होने के साथ ही वे त्याग और ममता की मूर्ति थी । अकबर की सेना का सामना बज्र की भांति किया मुगलों के राज्य विस्तार को रोका , गढ़मंडल के युद्ध ने मुग़ल सम्राट अकबर के दांत खट्टे कर देने वाली भारतीय वीरांगनाओं में एक रानी दुर्गावती ने आखरी पल में अपने हाथों अपने तलवार से अपने प्राणों की बलि दे कर सदा के लिए अमर हो गई ।भारतीय नारी की वीरता तथा बलिदान की यह घटना युगों युगों तक अमर रहेगी ।

20वीं सदी के महान आविष्कारकों में एक , मोबाइल एवं कंप्यूटर जगत को नई ऊंचाइयां देने वाला एक नाम आज ही के दिन 2011 में दुनिया को अलविदा कह गया। पैंक्रियाज कैंसर से जूझते स्टीव जॉब्स ने 5 अक्टूबर 2011 को आखिरी सांस ली । एप्पल के सीईओ रह चुके स्टीव जॉब्स को आईपॉड, आईफोन, आईपैड और मैकिंटॉश या मैक कंप्यूटर बनाने के लिए याद किया जाता है ।

आज हिंदुस्तान के दो ऐसे साहित्यिक हस्तियों की पुण्यतिथि है जिन्हें भूलना आसान नही । वह है
भगवतीचरण वर्मा और दुर्गा प्रसाद खत्री ।

भगवतीचरण वर्मा …साहित्य अकादमी पुरस्कार, पद्मभूषण से सम्मानित कवि । उनकी आत्मा का सहज स्वर कविता का है, उनका व्यक्तित्व शायराना अल्हड़पन, रंगीनी और मस्ती का सुधरा-सँवारा हुआ रूप है।  उनकी एक कविता का कुछ अंश ……
कुछ सुन लें, कुछ अपनी कह लें । जीवन-सरिता की लहर-लहर, मिटने को बनती यहाँ प्रिये संयोग क्षणिक, फिर क्या जाने हम कहाँ और तुम कहाँ प्रिये । पल-भर तो साथ-साथ बह लें, कुछ सुन लें, कुछ अपनी कह लें । आओ कुछ ले लें औ’ दे लें ।

दुर्गा प्रसाद खत्री ख्यातिप्राप्त उपन्यास लेखकों में एक थे । उन्होंने 1500 कहानियाँ, 31 उपन्यास व हास्य प्रधान लेख लिखे इसके साथ ‘उपन्यास लहरी’ और ‘रणभेरी’ नामक पत्रिकाओं का सम्पादन भी किया था। दुर्गा प्रसाद ख्याति प्राप्त देवकीनन्दन खत्री के पुत्र थे, जिन्हें भारत ही नहीं, अपितु पूरे विश्व में भी तिलिस्मी उपन्यासकार के रूप में प्रसिद्धि प्राप्त थी।

आज विक्रम संवत् 2075 आश्विन मास कृष्णा पक्ष की एकादशी तिथि दिन शुक्रवार आप सबके मनोकूल हो ।
🙏जय श्री राम🙏