सूरज की उदय होती रश्मियों के साथ आप सभी को मंगलमय सुप्रभात 🙏

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सूरज की उदय होती रश्मियों के साथ आप सभी को मंगलमय सुप्रभात ,

आलेख : अर्चना राय भट्ट / 5-12-2018 – गया

आज 5 दिसंबर है , आज बिहार मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी पूरे राज्य की यात्रा पर निकलेंगे वही दूसरी तरफ पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में मतदान होगा ।
आज ही के दिन 1971 में भारत ने बंगलादेश को एक देश के रूप में मान्यता दी थी , आज ही के दिन 1955 एसटीडी फोन सेवा शुरू हुई थी ।

5 दिसम्बर 1999 को भारतीय सुंदरी युक्ता मुखी ने मिस वर्ल्ड का खिताब अपने नाम किया।

आज के दिन मिट्टी की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और मिट्टी के संसाधनों के सतत प्रबंधन के लिए दुनियाभर में हर साल 5 दिसंबर को विश्व मृदा दिवस मनाया जाता है। साल 2013 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 5 दिसंबर को विश्व मृदा दिवस घोषित किया था। यूएन की खाद्य एजेंसी के मुताबिक, हमारे भोजन का 95% हिस्सा मिट्टी से ही आता है।

आज अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस है। अंतरराष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस (International Volunteer Day) 5 दिसम्बर 2017 को पूरे विश्व में मनाया जाता है । यह दिवस स्थानीय, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सभी स्तरों पर परिवर्तन करने में लोगों की भागीदारी के सम्मान का एक वैश्विक उत्सव है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में 17 दिसंबर 1985 को पारित प्रस्ताव (A/RES/40/212) के अनुसार, 05 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय वालंटियर दिवस के रूप में मनाया जाना तय किया गया था। उस समय से ही सभी सरकारें, संयुक्त राष्ट्र प्रणाली और नागरिक सामाजिक संगठन सफलतापूर्वक 5 दिसंबर को दुनिया भर में स्वयंसेवकों दिवस मनाने के लिए शामिल एकत्रित होते हैं।

आज भारत की स्पेस एजेंसी Indian Space Research Organisation (ISRO) देश की सबसे भारी कम्युनिकेशन सैटेलाइट लॉन्च करने जा रही है। सैटेलाइट GSAT-11 को एरियानेस्पेस के एरियाने-5 राकेट के ज़रिये फ्रेंच गुएना से लॉन्च किया जायेगा। यह जानकारी इसरो ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल के ज़रिये दी है। इसरो के मुताबिक कम्युनिकेशन सैटेलाइट GSAT-11 का वज़न 5,854 kg है।

आज कुछ ऐसे लोगों का जन्म हुआ जिन्होंने देश दुनिया मे भारत का नाम रौशन किया उसमे है अंजलि भागवत , रघुवीर चौधरी , नादिरा ,शेख़ मोहम्मद अब्दुल्ला ,जोश मलीहाबादी ,

आज कुछ ऐसी हस्तियों ने दुनिया से अलविदा कहाँ जिन्हें भुलाया नही जा सकता उसमे जयललिता , नेल्सन मंडेला , अरबिंदो घोष , अवनीन्द्रनाथ ठाकुर, अमृता शेरगिल ,प्रसिद्ध शायर मजाज , एस. सुब्रह्मण्य अय्यर ….

ब्रिटेन की महारानी ने ब्रिस्टल से एडिनबरा में सीधे फोन किया था । पहली बार इतनी लंबी दूरी का फोन कॉल हो पाया था और वह भी इतना तेज । इसके साथ ही 5 दिसंबर 1955 को एसटीडी यानी ‘सब्सक्राइबर ट्रंक डायल’ की शुरुआत हुई । पहला एसटीडी फोन कॉल भले ही 1955 में हो गया लेकिन पूरा तंत्र बनाने में काफी वक्त लगा और 1979 में ही यह ब्रिटेन में पूरी तरह से लागू हो सका । इसी सेवा का विस्तार कर 1963 में लंदन और पैरिस के बीच बातचीत हुई तो इंटरनेशनल डायरेक्ट डायलिंग अस्तित्व में आई । इसके बाद इंटरनेशलन सब्सक्राइबर डायलिंग शुरू हुई ।

पांच दिसंबर 2016 को तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता का निधन हुआ था। लिहाजा इस वर्ष इसी दिन उनकी दूसरी पुण्यतिथि होगी ।
तमिलनाडु की मुख्यमंत्री एवं ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (ए.आइ.ए.डी.एम.के.) पार्टी की प्रसिद्ध नेता थीं। वे तमिल फ़िल्मों की अभिनेत्री भी रही थीं। जीवन के हर संघर्ष को मुंहतोड़ जवाब दे कर ही ‘अम्मा’ यानी जयललिता नारी शक्ति का प्राय: बन गई थीं। जयललिता तमिल फ़िल्मों की अभिनेत्री भी थीं। उन्होंने तमिल के अलावा तेलुगु, कन्नड़ और हिन्दी भाषा की लगभग 300 फ़िल्मों में काम किया था। उनका तमिलनाडु की मुख्यमंत्री के रूप में कार्य काल 24 जून 1991 से 12 मई 1996, 14 मई 2001 से 21 सितम्बर 2001, 2 मार्च 2002 स 12 मई 2006, 16 मई 2011 से 27 सितम्बर, 2014 , 23 मई 2016 से  5 दिसम्बर 2016 तक रहा ।

पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ का चुनाव राजनीति का अखाड़ा बन चुका था जिसका अंतिम निष्कर्ष आज पता चल।जाएगा । पीयू चुनाव में बहुत सारी व्यानवाजी , मारपीट , पुलिस केस , फिर राजनीतिक लोगो का हस्तक्षेप के बाद अध्यक्ष का ताज किसके सिर सजेगा इसका फैसला आज ही देर शाम हो जाएगा। पीयू छात्र संघ का चुनाव आज सुबह 8 बजे से शुरू होकर 2 बजे तक चलेगा । आज होने वाले चुनाव के लिए 46 बूथों के सहारे 20 हजार से ज्यादा विद्यार्थी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसके लिए सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है । आज ही मतदान के बाद मतों की गिनती होगी ।

आज एक बार फिर मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी पुरे राज्य की यात्रा पर निकल रहे है । यह उनकी 12वीं यात्रा होगी । हर यात्रा का मक़सद रहता जनता की समस्या को देखना और सरकारी कार्यों की प्रगति की समीक्षा करना । आज की यात्रा महात्मा गांधी की कर्मस्थली चंपारण के बगहा से शुरू होगी इससे पहले मुख्यमंत्री जी 12 जुलाई, 2005 को न्याय यात्रा, 9 जनवरी 2009 को विकास यात्रा, 17 जून, 2009, धन्यवाद यात्रा, 25 दिसंबर, 2009 को प्रवास यात्रा, 28 अप्रैल, 2010 को विश्वास यात्रा, 09 नवंबर, 2011 को सेवा यात्रा, 19 सितंबर, 2012 को अधिकार यात्रा, 05 मार्च, 2014 को संकल्प यात्रा, 13 नवंबर, 2014 को संपर्क यात्रा, समेत 2016 में समीक्षा यात्रा और 2017 में विकास कार्यों की समीक्षा यात्रा कर चुके हैं ।


दिसंबर 2013 को दक्षिण अफ़्रीक़ा के पूर्व राष्ट्रपति व नस्लभेद के ख़िलाफ़ संघर्ष के नायक भारत रत्न से नवाजे गए नेल्सन मंडेला का 95 साल की उम्र में देहान्त हुआ। उनका जन्म 1918 में हुआ था। उन्होंने अपनी आधी से ज़्यादा ज़िन्दगी नस्लभेद से संघर्ष में बितायी। दक्षिण अफ़्रीक़ा के दिवंगत नेता ने लगभग 27 साल जेल में बिताए यहां तक कि 90 के दशक में रिहा हुए। दक्षिण अफ़्रीक़ी जनता ने 1994 में बहुमत से मंडेला को पहला अश्वेत राष्ट्रपति चुना। मंडेला ने राष्ट्रपति बनने के बाद नस्लभेदी शासन के अधिकारियों यहां तक कि जेल के अधिकारियों के साथ भी अच्छा व्यवहार अपनाया। उनके इस शिष्टाचार ने उन्हें दुनिया में अमर कर दिया और वर्ष 1993 में उन्होंने शांति का नोबल पुरस्कार दिया गया। यूं तो उन्होंने अनेक किताबें व लेख लिखे हैं किन्तु उनकी जीवनी पर आधारित किताब बहुत प्रसिद है जिसका नाम है आज़ादी के लिए लंबा सफ़र।

रूख्सत ए दिल्ली! तेरी महफिल से अब जाता हूं मैं नौहागर जाता हूं मैं नाला-ब-लब जाता हूं मैं… शायर मजाज की शायरी उनके पुण्यतिथि पर ।

शेख़ मोहम्मद अब्दुल्ला जम्मू और कश्मीर के कद्दावर नेता थे और बड़े राजनीतिज्ञ थे, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर की राजनीति में केंद्रीय भूमिका निभाई थी। ‘शेर-ए-कश्‍मीर'” कहलाने वाले शेख़ अब्‍दुल्‍ला, जो कि नेशनल कांफ्रेंस के संस्‍थापक थे और तीन बार जम्‍मू-कश्‍मीर के मुख्‍यमंत्री (पहले कार्यकाल में प्रधानमंत्री, जब राज्‍य के सत्‍ता प्रमुख को ‘वजीर-ए-आजम’ और संवैधानिक प्रमुख को ‘सदर-ए-रियासत’ कहा जाता था) रहे थे। उनके बाद उनके बेटे फ़ारूक़ अब्दुल्ला भी तीन बार और उनके पोते उमर अब्‍दुल्‍ला एक बार जम्‍मू-कश्‍मीर के मुख्‍यमंत्री रहे। यह कहा जा सकता है कि अब्‍दुल्‍ला परिवार जम्‍मू-कश्‍मीर की सियासत में फर्स्‍ट फैमिली की हैसियत रखता है और शेख़ अब्‍दुल्‍ला उसके प्रथम पुरुष थे। आज उनकी जयंती है ।

आन’, ‘श्री 420’, ‘दिल अपना और प्रीत पराई’, ‘पाकीज़ा’, ‘जूली’, ‘सागर’, ‘तमन्ना’, ‘इंसाफ का मंदिर’, ‘पॉकेटमार’, ‘तलाश’, ‘धर्मात्मा’ जैसी फिल्मों में अभिनय का जादू दिखाने वाली नादिरा ख्यातिप्राप्त और सुन्दर अभिनेत्रियों में से एक थीं ।
साठ से भी अधिक फ़िल्मों में अपने बेजोड़ अभिनय की छाप छोडऩे वालीं नादिरा दिलीप कुमार, राजकपूर, मीना कुमारी, राजकुमार और अमिताभ बच्चन आदि अनेक कलाकारों की फ़िल्मों में सिर्फ सहायक ही नहीं, बल्कि विशिष्ट भी बन जाती थीं। अभिनेत्री नादिरा अपने समय से कहीं आगे थीं। लाजवाब ख़ूबसूरती और शाहाना अंदाज की शख़्सियत रखने के बावजूद उन्होंने उस दौर में खलनायिका बनना पसंद किया था, जबकि अन्य नायिकाएँ इस तरह की भूमिकाएँ करने से घबराती थीं। आज ही के दिन1932 में उनकजन्म हुआ था ।

झुकता हूँ कभी बहती हुई रेत की जानिब, उड़ता हूँ कभी आकाश गंगा की जानिब ।
मुझ में दो दिल हैं, इक जमी के जानिब और एक का रुख़ है आस्माँ की जानिब।
जोश मलीहाबादी की लाजबाब शायरी के साथ आप सभी का दिन शुभ मंगलमय हो ।
जय श्री राम