156 वीं जयंती के दिन युवा भारत को प्रणाम मंगलमय सुप्रभात …..

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156 वीं जयंती के दिन युवा भारत को प्रणाम मंगलमय सुप्रभात …..
आज विक्रम संवत 2075  पौष माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथी 12 जनवरी दिन शनिवार आप सभी के लिए शुभ और मनोकूल हो ।
आज स्वामी विवेकानंद जी की 156वीं जयंती है ।
स्वामी जी के अनुसार …. “आप प्रभु पर तभी यकीन कर सकते हैं जब आप स्वयं पर यकीन करेंगे । यानी जिस दिन आपको खुद पर विश्वास हो जाएगा तब आप खुद ही भगवान पर भी विश्वास करना शुरू कर देंगे ।”
“मनुष्य का संघर्ष जितना कठिन होगा, उसकी जीत भी उतनी बड़ी होगी । यानी किसी भी चीज को पाने के लिए हर किसी को संघर्ष करना पड़ता है और जितना बड़ा आपका लक्ष्य होगा उतना बड़ा आपका संघर्ष”
किसी भी देश का भविष्य उसके युवाओं पर ही निर्भर करता है ।नई प्रतिभा के आने से देश को ना सिर्फ तरक्की मिलती है, बल्कि देश का विकास भी सही तरह से होता है। वहीं देश के युवाओं के सही मार्ग दर्शन के लिए हर साल आज के दिन भारत में राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है । राष्ट्रीय युवा दिवस मनाने के लिए सरकार द्वारा 1984 में स्वामी विवेकानंद जी के जन्मदिवस को चुना गया था और तब से अब तक हर साल आज कर दिन युवा दिवस पूरे देश में मनाया जाता है । हर साल भारत में 12 जनवरी के दिन को युवाओं के लिए समर्पित किया गया है और इस दिन ही स्वामी विवेकानंद का जन्म भी हुआ था । इस साल 2019 में भी आज दिन को पूरे भारत में युवा दिवस के साथ-साथ विवेकानंद जी की 156 वीं जन्म जयंती के रूप में मनाया जा रहा है ।

दिल्ली के रामलीला मैदान में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) की राष्ट्रीय परिषद की दो दिवसीय बैठक का आज दूसरा और आखरी दिन है । इस बैठक में भाजपा के सभी बड़े नेता, पदाधिकारी और चुने हुए प्रतिनिधि भाग लें रहे है । बैठक में 12,000 पार्टी कार्यकर्ता और नेता शामिल हो रहे है। इस दौरान आज माननीय श्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे और साथ ही 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए जीत का मंत्र देंगे। परिषद बैठक के समापन भाषण के संबोधन में प्रधानमंत्री जी कार्यकर्ताओं को लोकसभा चुनाव में जाने के लिए एक नया नारा भी दे सकते हैं।

इतिहास में पहली बार पिछले वर्ष आज ही के दिन सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर चीफ जस्टिस पर सवाल उठाए थे । जिसमे जस्टिस जे. चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई ( वर्तमान cji ), जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट को नहीं बचाया गया तो लोकतंत्र नाकाम हो जाएगा । जस्टिस जे. चेलमेश्वर ने कहा था कि यह किसी भी राष्ट्र, विशेषकर इस देश के इतिहास में असाधारण घटना है और न्यायपालिका की संस्था में भी असाधारण घटना है ।यह कोई प्रसन्नता की बात नहीं है कि हम प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए बाध्य हुए ।लेकिन कुछ समय से उच्चतम न्यायालय का प्रशासन ठीक नहीं है और पिछले कुछ महीने में ऐसी अनेक बातें हुई हैं जो अपेक्षा से कम थीं ।
आज क्या बदला है नही पता पर एक साल बाद आज वह दृश्य बरबस आंखों के सामने घूम रहा ।

आज उत्तरप्रदेश की राजनीति में एक नया आगाज होने जा रहा है । जब राज्य की दो घोर विरोधी पार्टियां लोकसभा चुनाव के लिए एक साथ हाथ मिला कर पीएम मोदी को रोकने का प्रयास करेगी । एक बार ऐसा ही समीकरण बिहार में भी हुआ था । सवाल यह नही की यह गलत है या सही है सवाल इसके भविष्य को लेकर है और आम जन को ठगे जाने को लेकर । अब राजनीति में सिद्धांत का कोई स्थान नही रह गया है यह देख कर प्रतीत होता है ।

आज 12 जनवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
1708 – शाहू जी को मराठा शासक का ताज पहनाया गया।
1757 – ब्रिटेन ने पश्चिम बंगाल के बंदेल प्रांत को पुर्तग़ाल से अपने कब्जे में लिया।
1866 – लंदन में रॉयल एयरोनॉटिकल सोसायटी का गठन हुआ।
1924- गोपीनाथ साहा ने कोलकाता के पुलिस आयुक्त चार्ल्स ऑगस्टस टेगार्ट समझकर ग़लती से एक आदमी की हत्या कर दी। इसके बाद उसे गिरफ़्तार कर लिया गया।
1934 – भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महान् क्रान्तिकारी सूर्य सेन को चटगांव में फाँसी दी गयी। उन्होने इंडियन रिपब्लिकन आर्मी की स्थापना की और चटगांव विद्रोह का सफल नेतृत्व किया। 1950- स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद 12 जनवरी 1950 में ‘संयुक्त प्रांत’ का नाम बदल कर ‘उत्तर प्रदेश’ रखा
1984 – स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन के मौके पर हर वर्ष देश में ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ मनाने की घाेषणा की गयी।
1991 – अमरीकी संसद ने कुवैत में इराक के खिलाफ सैनिक कार्रवाई काे मंजूरी दी।
2001 – भारत का इंडोनेशिया-रूस-चीन संधि से इंकार, नैफ नदी पर बांध निर्माण योजना के कारण बांग्लादेश-म्यांमार सीमा पर तनाव के बाद सेनाएँ तैनात।
2002 – पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ़ ने राष्ट्र के नाम ऐतिहासिक संदेश प्रसारित किया, पाकिस्तान ने आतंकवादी संगठन लश्कर व जैश पर प्रतिबंध लागू करने की घोषणा की जबकि वांछित पाक अपराधियों को भारत को सौंपने से इन्कार किया।
2003 – भारतीय मूल की महिला लिंडा बाबूलाल त्रिनिदाद की संसद अध्यक्ष बनीं।
2004 – दुनिया के सबसे बड़े समुद्री जहाज, आरएमएस क्वीन मैरी 2 ने अपनी पहली यात्रा की शुरूआत की।
2006 – भारत और चीन ने हाइड्रोकार्बन पर एक महत्त्वपूर्ण सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए।
2007 – हिन्दी फ़िल्म ‘रंग दे बसन्ती’ बाफ़्टा के लिए नामांकित।
2008- कोलकाता में आग से 2500 दुकानें जल कर खाक हुई। दुनिया के सबसे बड़े फ़िल्म शो टोरंटो अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव की बुनियाद रखने वाले ‘मुर्रे दस्ती कोहल’ का निधन।
2009- प्रसिद्ध संगीतकार ए. आर. रहमान प्रतिष्ठित गोल्डन ग्लोब अवार्ड जीतने वाले पहले भारतीय बने। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. जयन्त कुमार ने दुनिया का सबसे पुराना उल्का पिंड क्रेटर खोजा।
2010- भारत सरकार द्वारा नागर विमानन क्षेत्र पर आतंकी हमलो की आशंका के बीच विमान अपहरण रोधी क़ानून 1982 में मौत की सज़ा की धारा जोड़ी गई। कैरेबियाई देश हैती में आए भयंकर भूकंप में लाखों लोगों की मौत और राजधानी पोर्ट ओ प्रिंस का अधिकतर हिस्सा तबाह हो गया।
2015 – कैमरून में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड में आतंकवादी संगठन बोको हराम के 143 आतंकवादी मारे गये।
2018 – इसरो ने लॉन्च किया 100वाँ उपग्रह, एक साथ भेजे 31 सैटेलाइट्स।

12 जनवरी को जन्मे व्यक्ति

1972 – प्रियंका गाँधी – भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की वर्तमान अध्यक्ष
1964 – दिनेश शर्मा – राजनीतिज्ञ तथा उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री।
1964 – अजय माकन – भारतीय राजनीतिज्ञ 1931 -अहमद फ़राज़ – प्रसिद्ध उर्दू कवि
1918 – सी. रामचन्द्र – हिन्दी फ़िल्म संगीतकार, गायक और निर्माता-निर्देशक
1917 – महर्षि महेश योगी- भारतीय अध्यात्मवादी
1901 – उमाशंकर दीक्षित – ‘भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन’ के पुरोधा एवं मानवता के पुजारी और राष्ट्रवाद के अग्रदूत।
1899 – बद्रीनाथ प्रसाद – भारत के प्रसिद्ध गणितज्ञ।
1886 – नेली सेनगुप्ता – प्रसिद्ध महिला क्रांतिकारी।
1869 – भगवान दास – ‘भारत रत्न’ सम्मानित स्वतंत्रता सेनानी, समाज सेवी और शिक्षा शास्त्री। 1863 – स्वामी विवेकानंद- भारतीय दार्शनिक

12 जनवरी को हुए निधन
2005 – अमरीश पुरी – भारतीय सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता और खलनायक।
1992 – कुमार गंधर्व – भारत के प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक।
1976 – अगाथा क्रिस्टी – दुनिया के जाने माने जासूसी उपन्यासकारों में से एक।
1941 – प्यारे लाल शर्मा – भारतीय क्रांतिकारियों में से एक थे।
1934 – सूर्य सेन – भारत की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाले प्रसिद्ध क्रांतिकारी।
1924- गोपीनाथ साहा- पश्चिम बंगाल के स्वतंत्रता सेनानी।