30 सितंबर आपके लिए शुभ हो

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शुभ सुप्रभात ,
🙏ओम जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे।🙏
आज महिने का आखरी दिन अलबिदा हो रहा कई खट्टी मीठी यादों के साथ जो इतिहास में तबदील हो गया है । आने वाला माह का सूर्योदय अपने साथ शक्ति और आराधना का सागर ले कर कल प्रस्तुत होगा । आप सभी का शुभ मंगलमय हो ।

आज की बात करु तो वर्तमान हो या इतिहास हो अपने आप मे अहम है । सनातन धर्म की बात करे तो सबसे खास पल होता है आरती यानी भगवान के चरणों मे अपने भाव को शब्दों के द्वारा स्वर राग के माध्यम से अपनी समर्पण करना । यानी भगवान की आरती करना । उसमे सबसे खास है ..
“ओम जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥ ओम जय जगदीश हरे।”
इस आरती को धरातल पर उतारने वाले पंडित श्रद्धाराम शर्मा की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि ।

श्रद्धाराम शर्मा जी की अधिकांश रचनाएँ गद्य में हैं। वे 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में हिन्दी और पंजाबी के प्रतिनिधि गद्यकार थे। उनकी मुख्य रचनाएँ ‘ओम जय जगदीश’ की आरती, ‘सत्य धर्म मुक्तावली’, ‘शातोपदेश’, ‘सीखन दे राज दी विथिया’, ‘पंजाबी बातचीत’, ‘भाग्यवती’, ‘सत्यामृत प्रवाह’ आदि।
पंडित जी सनातन धर्म प्रचारक, ज्योतिषी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और संगीतज्ञ होने के साथ-साथ हिन्दी और पंजाबी के प्रसिद्ध साहित्यकार भी थे।

अब तो है तुमसे हर खुशी अपनी तुम पे मरना है ज़िंदगी अपनी ओ ओ अब तो है तुमसे ….
मैं ने तेरे लिये ही सात रंग के सपने चुने सपने सुरीले सपने कुछ हँस के, कुछ ग़म के तेरी आँखों के साए चुराए रसीली यादों ने मैं ने तेरे लिये …

जैसे सैकड़ो प्रेमयुक्त सम्बन्धो से रसभरे गीतों से अपने फिल्मों के माध्यम से हम सब को आनन्दित और पुलकित करने वाले ऋषि दा यानी ऋषिकेश मुखर्जी की जयंती पर श्रधंजलि ।
ऋषि दा 1951 में फ़िल्म “दो बीघा ज़मीन” फ़िल्म में बिमल राय के सहायक के रूप में अपना कॅरियर शुरू किया था उसके 6 साल बाद 1957 में “मुसाफिर” फ़िल्म से अपने निर्देशन के कॅरियर की शुरुआत की। इसके बाद वे अभिनय से लेकर निर्माण निर्देशन के क्षेत्र तक मे महारत हासिल कर लिए ।
गानों के फ़िल्मांकन के मामले में ऋषि दा बेजोड़ थे। अनाड़ी फ़िल्म का गीत सब कुछ सीखा हमने न सीखी होशियारी.. आनंद फ़िल्म का गीत ‘कहीं दूर जब दिन ढ़ल जाए.., अभिमान का गीत नदिया किनारे.., नमक हराम का गीत नदिया से दरिया, दरिया से सागर.., अनुराधा का गीत हाय वो दिन क्यों न आए.., गुड्डी का गीत हम को मन की शक्ति देना.. और गोलमाल का गीत आने वाला पल.. आज भी बेहद आकर्षित करते हैं।

आज से 25 साल पहले 30 सितंबर 1993 की सुबह 3:56 बजे आये भूकंप के झटकों ने महाराष्ट्र समेत अन्य 12 राज्यों में कहर बरपा दिया था । इस भयानक त्रासदी में लगभग 20000 लोगों की जान चली गई थी और 35 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए थे । उस भूकंप के भयावह मंजर ने महाराष्ट्र के लातूर को उजाड़ कर रख दिया ।
भूकंप ने महाराष्ट्र समेत अन्य 12 राज्यों में अपना कोहराम मचाया था । एक आंकड़े के अनुसार इस भूकंप में 21 लाख मकान जमींदोज हो गए थे । भूकंप के कुछ देर बाद शहर की गलियों में लाशों का अंबार दिखाई दे रहा था ।

आज ही के दिन यानी 30 सितंबर 2007 को प्रख्यात पश्चात गायक मन्ना डे को दादासाहेब फाल्के अवार्ड के लिए नामांकित किया गया था । उस समय मन्ना डे 90 साल के थे । उन्हें यह सम्मान भारत की राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने 21 अक्टूबर 2007 को पूरे मान सम्मान के साथ प्रदान किया ।

आज कांग्रेस के दिग्गज नेता माधवराव सिंधिया , पत्रकारिता जगत के एक पुरोगामी शख्सियत रामानन्द चैटर्जी , भारतीय कवियित्री एवं लेखिका सुमित्रा कुमारी सिन्हा , अमेरिकी भौतिक विज्ञानी और इंजीनियर,  नोबेल पुरस्कार विजेता मार्टिन लुईस पर्ल की पुण्यतिथि है ।

मांनीनय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी आज महीने के आखरी रविवार मन की बात करेंगे ।
आज ही प्रधानमंत्री जी गुजरात दौरे पर जाएंगे जहां वे आणंद में अमूल की चॉकलेट फैक्टरी का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा राजकोट में अल्फ्रेड स्कूल को महात्मा गांधी म्यूजियम में एक कार्यक्रम में भाग लेंगे।

JEE Main 2019 registration यानी जेईई मेंसके लिए आवेदन करने के लिए इच्छुक प्रतियोगियों के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर यानी आज रविवार तक ही है ।

विक्रम संवत् 2075 भाद्रपद कृष्णपक्ष की पंचमी तिथि दिन रविवार आप सभी के मनोकूल हो ।