8 अक्टूबर मंगलमय हो

0
41

मंगलमय सुप्रभात 🙏

आज 8 अक्टूबर हिंदुस्तान के इतिहास का एक अहम अध्याय है । कोई कोई ही दिन ऐसा होता जिसकी महत्ता इतनी ज्यादा होती कि लिखने के लिए कागज कम पड़ जाते । आज की बात करे तो दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायु सेना में शामिल भारतीय वायुसेना आज अपना 86वां स्थापना दिवस मना रही है । आज ही हमारी मातृभूमि के वरदपुत्र लोकनायक जयप्रकाश नारायण की तथा हिंदी कथा-साहित्य को तिलस्मी कहानियों के झुरमुट से निकालकर जीवन के यथार्थ की ओर मोड़कर ले जाने वाले कथाकार मुंशी प्रेमचंद की पुण्यतिथि है । वही आज सर्वपितृ अमावस्या है यानी पितृपक्ष का समापन आज होगा ।

भारतीय सशस्त्र सेना का अहम अंग जो देशके लिए वायु युद्ध, वायु सुरक्षा एवं वायु चौकसी जैसे महत्वपूर्ण कार्य आज के ही दिन 1932 से करती आ रही है वह है दुनिया की चौथी बड़ी हमारी रॉयल इंडियन एयरफोर्स जो आजादी के बाद से भारतीय वायुसेना हो गई। हमे नाज है अपने इस जांबाज वाकुडो पर ।
भारतीय वायुसेना के सीने पर लगे सुनहरे मैडल पाकिस्तान के साथ चार युद्ध और चीन के साथ एक युद्ध में अपनी कौशल के वजह से चमकते है ।
देश के अंदर कई महत्वपूर्ण सफल ऑपरेशन अपने नाम किया है जिसमे ऑपरेशन विजय , ऑपरेशन मेघदूत , ऑपरेशन कैक्टस , ऑपरेशन पोमलाई और ऑपरेशन राहत को सफलता पूर्वक सम्पूर्ण कर अपने नाम को रौशन किया है । इसके बड़े में लगभग 1,70,000 कर्मियों की ताकत है और 1,400 से अधिक विमान हैं जो हर पल भारत के तरफ नजर उठाने वालों की आंखे निकालने को तैयार रहती । आज 86वे दिवस पर ढेर सारी शुभकामनाएं ।

स्वतंत्रता आंदोलन की लड़ाई में देश को बहुत बड़े आदर्शवादी आदरणीय शख्सियत दिए जिनके द्वारा किये गए सार्थक और सम्पूर्ण प्रयासों के बदौलत आज हम खड़े है । उस वक्त सभी की एक प्राथमिकता थी देश सर्वोपरि और देश का सर्वांगीण विकास जिसके लिए उन्होंने अपनी दूरदृष्टि और सम्पूर्ण त्याग को अर्पित किया । ऐसे ही नेताओं में जीवनभर संघर्ष करने वाले और इसी संघर्ष की आग में तपकर कुंदन की तरह दमकते हुए समाज के सामने आदर्श बन जाने वाले प्रेरणास्रोत थे महान राजनीतिज्ञ मातृभूमि के वरदपुत्र , सिद्धांतवादी नेता , भारत रत्न’ से सम्मानित लोकनायक जयप्रकाश नारायण, जो अपने त्यागमय जीवन के कारण मृत्यु से पहले ही प्रातः स्मरणीय बन गए थे।  आज ऐसे महान शख्सियत की पुण्यतिथि है उनकी पुण्यतिथि पर अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि ।

आज भारत के उपन्यास सम्राट सफल लेखक, देशभक्त नागरिक, कुशल वक्ता, ज़िम्मेदार संपादक और संवेदनशील रचनाकार जो हिंदी कथा-साहित्य को तिलस्मी कहानियों के झुरमुट से निकालकर जीवन के यथार्थ की ओर मोड़कर ले जाने वाले कथाकार धनपत राय श्रीवास्तव उर्फ मुंशी प्रेमचंद की पुण्यतिथि है ।
उन्होंने अपने छोटे से 56 वर्ष के जीवनकाल में लगभग 300 कहानियां और चौदह बड़े उपन्यास लिख डाले है । उनकी चर्चित कहानियां हैं-मंत्र, नशा, शतरंज के खिलाड़ी, पूस की रात, आत्माराम, बूढ़ी काकी, बड़े भाईसाहब, बड़े घर की बेटी, कफन, उधार की घड़ी, नमक का दरोगा, पंच फूल, प्रेम पूर्णिमा, जुर्माना आदि ।
प्रेमचंद ने जिस प्रकार से अपनी रचना में विविधता और वास्तविकता का समावेश किया है वैसा कोई अब तक नही कर सका । जैसे उन्होंने अपनी रचना ‘गबन’ के जरिए समाज की ऊंच-नीच, ‘निर्मला’ से एक स्त्री को लेकर समाज की रूढ़िवादिता और ‘बूढी काकी’ के जरिए ‘समाज की निर्ममता’ को जिस अलग और रोचक अंदाज उन्होंने पेश किया, उसकी तुलना नही है । इसी तरह से पूस की रात, बड़े घर की बेटी, बड़े भाईसाहब, आत्माराम, शतरंज के खिलाड़ी जैसी कहानियों से प्रेमचंद ने हिंदी साहित्य की जो सेवा की है, वो अद्भुत है । आज ऐसे महान कलम के सिपाही को उनकी पुण्यतिथि पर कोटि कोटि नमन ।

आज आश्विन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि तदोपरांत सर्वपित्री दर्श अमावस्या, सर्वपित्रू अमावस्या दिन सोमवार है आज पितृ पक्ष का आखिरी दिन है । 24 सितंबर 2018 से शुरू हो रहा है. 24 सितंबर से शुरू होने वाला पितृपक्ष आज 8 ओक्टुबर को सर्वपितृ अमावस्या यानी महालय अमावस्या के साथ खत्म हो जाएगा। महालय अमावस्या के दिन खासतौर से वह लोग जो अपने मृत पूर्वजों की तिथि नहीं जानते, वह इस दिन तर्पण करते हैं। कुछ मान्यताओं के अनुसार कल 9 ओक्टुबर को पितृ पक्ष खत्म होगा ।

आज कश्मीर घाटी में निकाय चुनाव का पहला चरण हो रहा है । मतदान को सुगमतापूर्वक संपन्न कराने के लिये सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गए हैं ।

आप सबके लिए आज सोमवार का दिन शुभ और पूरा सप्ताह मंगलमय हो ।
जय श्री राम