9 अक्टूबर महालया आमावश्या की शुभकामनाएं

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मातृभूमि कोटि कोटि वंदनम शुभ सुप्रभातम ,
अँखियों के झरोखों से, मैंने देखा जो सांवरे तुम दूर नज़र आए, तुम (बड़ी) दूर नज़र आए ….
बंद करके झरोखों को, ज़रा बैठी जो सोचने मन में तुम्हीं मुस्काए, मन में तुम्हीं मुस्काए….
अमर गीत के रचनाकार रवीन्द्र जैन की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि ।

आज 9 अक्टूबर महालया आमावश्या है । माँ की ममत्व को महसूस करते हुए महालया की शुभकामनाएं ,आज माँ शक्ति की आराधना और आग्रह का दिन । ग्रन्थो के अनुसार महिषासुर से रक्षा के लिए मां भगवती को आज ही के दिन विशेष पूजा अनुष्ठान भक्ति भाव के साथ खुद को बात्सल्य रूप में परिवर्तित कर माँ को पुकारने से माँ स्वतः कैलास से धरती पर अवतरित हो जाती है तथा 9 दिनों तक अपने भक्तों के वाणी में , उनकी आत्मा में , उनके प्राणों में वास करते हुए सदा रक्षा करती है । इसलिए उनकी पूजा की शुरुआत महालया अमावस्या से की जाती है।

आज विश्व डाक दिवस है । वैसे तो डाक और डाकिया का नाम कानो में आते ही बचपन के दिन याद आ जाते । वह साइकल पर थैला टांगे अपने थैले से तीन अलग अलग रंगों के खत का बंडल निकल कर चुनते हुए यह लीजिये आपका खत ।
वह पल भी था जब सिर्फ कैसे है यह जानने के लिए हप्तों महीनों तक इंतेजार उबाऊ नही लगता पर अब तो 1 सेकेंड में रिप्लाई नही आया तो मन व्यथित हो जाता । लेकिन आज भी उसकी महता कुछ मायनो में खास है आज भी कई मायनों में इंतेजार व्यथित नही करता । हा वह 10 पैसे के पोस्टकार्ड 25 पैसे के अंतर्देशी और 50 पैसे के लिफाफों की जगह 25 रु के स्पीड पोस्ट ने लिया है ।  9 अक्टूबर, 1874 से जारी यह सफर कई बार समय के साथ अपने मे परिवर्ती कर आज भी अपने स्वरूप में कायम है ।
अब यह एक दिन के बदले एक सप्ताह भर आयोजित होता है जिसमे 10 अक्टूबर को सेविंग बैंक दिवस, 11 अक्टूबर को मेल दिवस, 12 अक्टूबर को डाक टिकट संग्रह दिवस, 13 अक्टूबर को व्यापार दिवस तथा 14 अक्टूबर को बीमा दिवस मनाया जाता है।

आज 9 अक्टूबर को दो ऐसे लोगो की पुण्यतिथि है जिनकी चर्चा के बिना वर्तमान सार्थक नही होगा । पहला नाम है भारतीय राजनीति में सबसे निचले तबके के लोगो को मनोबल को उच्च स्तर पर ला कर उन्हें उनकी अलग पहचान दिलाने वाले बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक और दलित राजनीति के सबसे बडे नेता कांशीराम । 1978 से 2006 तक भारतीय राजनीति में अलग पहचान बनाने वाले कांशीराम की आज उनकी पुण्यतिथि है श्रद्धांजलि ।
आज के दूसरे हस्ती है भारतीय हिन्दी सिनेमा के प्रसिद्ध संगीतकार तथा गायक जिन्होंने मन की आँखों से दुनिया को समझा। सरगम के सात सुरों के माध्यम से उन्होंने जितना समाज से पाया, उससे कई गुना अधिक अपने श्रोताओं को लौटाया।मधुर धुनों के सर्जक होने के साथ बेहतरीन गायक  मुख्यत: उन्हें भजन गायक के रूप में ख्याति मिली थी। यह एक ऐसे हस्ती थे जो जिन्होंने दृश्य-श्रव्य माध्यम में केवल श्रव्य के सहारे ऐसा इतिहास रचा, जो युवा-पीढ़ी के लिए अनुकरणीय बन गया। यह है प्रख्यात संगीतकार तथा गायक रवीन्द्र जैन ।
रवीन्द्र जैन भले ही दृष्टिहीन रहे हों किन्तु यह कभी उनके आड़े नही आई , उनकी कुछ ऐसी अमर रचनाए है जो कभी मर नही सकती जैसे गीत गाता चल’, ‘जब दीप जले आना’, ‘ले तो आए हो हमें सपनों के गांव में’, ‘एक राधा एक मीरा’, ‘अंखियों के झरोखों से’, ‘मैंने जो देखा सांवरे’, ‘श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम’ आदि।

पाकिस्तान के ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा प्रान्त के स्वात जिले में स्थित मिंगोरा शहर की एक 13 वर्षीय छात्रा मलाला यूसुफजई जिसे 2012 में तालिबान के फरमान के बावजूद लड़कियों को शिक्षित करने का अभियान चलाया जिससे नराज तालिबान के आतंकियों ने स्‍कूल से लौटते वक्‍त उस पर आज ही के दिन गोली मार कर बुरी तरह घायल कर दी गई थी । इस हमले की जिम्‍मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान  ने ली।बाद में इलाज के लिए उन्हें ब्रिटेन ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बाद उन्हें बचा लिया गया। आज के दिन 9 ओक्टुबर 2012 से लेकर  10 दिसंबर 2014 के बीच दुनिया के सभी प्रमुख पुरस्करो को हासिल करते हुए  10 दिसंबर 2014 को नाॅर्वे में आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय समाजसेवी
कैलाश सत्यार्थी के साथ संयुक्त रूप से उन्हें शांति का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया।

आज ग्वालियर में संगीत के ‘सेनिया बंगश’ घराने की छठी पीढ़ी में जन्म लेने वाले हिंदुस्तान केअग्रणी शास्त्रीय संगीतकार, मशहूर सरोद वादक , पद्म विभूषण, पद्मभूषण, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, पद्मश्री, तानसेन सम्मान, यूनेस्को पुरस्कार, यूनिसेफ का राष्ट्रीय राजदूत पुरस्करो से पुरस्कृत अमजद अली ख़ाँ के जन्मदिन पर बधाई ।

आज 9 अक्तूबर विक्रम संवत् 2075 आश्विन मास कृष्णा पक्ष की आमवस्या तदोपरांत प्रतिपदा तिथि दिन मंगलवार आप सबके मनोकूल हो ।